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बजंरगदल के कार्यकर्ता की गिरफ्तारी से धार्मिक सामाजिक संगठनों ने किया रोष प्रदर्शन

       प्रदर्शन में मस्जिद के सामने एक आम के व्यपारी के साथ हुए विवाद में बजरगदल के विभाग सयोजक की गिरफतारी के विरोध में विश्व हिन्दू परिषद , बजरंग दल व हिन्दू संघर्ष समिति के तत्वाधान में स्थानीय अग्रसैन चौंक पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर  धरना भी लगाया गया। प्रदर्शन कररियों ने हिसार की जिला पुलिस अधिक्षक पर पक्षपात करने का आरोप लगाया और एफआईआर पर पुर्न जांच करवाने की मांग की।
       विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता विजय शर्माने आरोप लगाया कि प्रशासन ने एक षडयन्त्र के तहत  मस्जिद से जुडे लोगो के राजनैतिक प्रभाव में न केवल विभाग संयोजक को एक आतंकवादी की तरह गिरफ्तार किया बल्कि उन पर संगीन धाराएं भी लगा दी। उन्होने बताया कि एफआईआर न.६६१ दिनांक ११ जुलाई मे लिखा गया कि प्रदर्शन करने वाले लोग १०० से १२५ की संख्या में थे जबकि वास्तव में वहां मीडिय़ाकर्मीयों सहित २० से २५ लोग थे जो विडियो/छाया चित्र आदि में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।  शर्मा ने कहा कि एफआईआर मेंबताया गया कि प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी की जबकि किसी भी प्रर्शनकारी के हाथ में न तो काई पत्थर था और नही अन्य कोई हथियार ।

      शर्मा ने आरोप लगाया कि एफआईआर में लिखवाया गया कि प्रदर्शनकारियों ने मस्जिद के दरवाजे को ठोकरमारी अन्दर धुसे व मरपीट की जो की सरासर गल्त है। कोई भी प्रर्शनकारी न जो अन्दर घुसा और नही किसी ने दरवाजे को ठोकर मारी विडियो व छाया चित्र इसके प्रमाण है। शर्मा ने कहा कि एफआईआर न.६६१ में आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने मुस्लिम समाज के विरोध में नारे लगाए यह सरासर गल्त व मनघडंत षडयंन्त्र व राष्ट्रहित में कार्यकरने वाले बजरंग दल की छवि को घूमिल करने व उसे बदनाम करने की गहरी साजिश है। शर्मा ने कहा कि एफआईआर  में जो भी आरोप लगाए गए वह आधारहीन,गुमराह करने वालेऔर झूठे हैं।

     उन्होने मांग की कि किसी अन्य अधिकारी से इसकी पूनर जांच की जाए जाकि सही न्याय मिल सके।इस अवसर पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने मंच से रोष प्रकट किया और  उपअधीक्षक ने ज्ञापन प्राप्त किया।