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किसानों के बढ़े हुए मुआवजे की अदायगी के लिए रेलवे ने मांगा अदालत से समय

रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण की गई जमीन के बढ़े हुए मुआवजे की बाकी बची राशि का भुगतान करने के लिए रेलवे की तरफ से अदालत से समय मांगा है। किसानों की तरफ से दायर केस में शुक्रवार को रेलवे की तरफ से सुनवाई के दौरान रेलवे की तरफ से पेश हुए एसएसई आरएन मलिक ने अदालत के सामने कहा कि मुआवजे के लिए बी फार्म तैयार कर रेलवे मुख्यालय को भेजे गए हैं। मुआवजा की प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय और लगेगा। इस लिए रेलवे को कुछ समय और दिया जाए। इसके बाद अदालत की तरफ से करीब एक माह का समय रेलवे को मुआवजा राशि जमा करवाने का समय दिया गया है। अब अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।

रेलवे की तरफ से वर्ष 2006-07 में रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रेलवे लाइन के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा देने के लिए किसानों ने अदालत में केस दायर किया था। किसानों के केस की सुनवाई के दौरान अदालत की तरफ से मुआवजा राशि को बढ़ा कर साढे 12 लाख की बजाए 16 लाख रुपये कर दिया गया था। इन चार केसों में पिछले दिनों जब अदालत ने झज्जर के रेलवे स्टेशन व रेलवे की अन्य प्रापर्टी को जब नीलाम करने के आदेश दिए तो रेलवे की तरफ एक करोड़ 3 लाख रुपये कर राशि जारी की थी। इसके बाद राजेश आदि के केसों में बकाया बची राशि के भुगतान के लिए अदालत में एक बार फिर से अपील की गई तो कुछ माह पूर्व अदालत ने किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने के आदेश रेलवे के अधिकारियों को दिए थे।