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सूखा गुजर गया इस साल का सावन, पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत हुई बारिश

बारिश की झड़ी का इंतजार कर रहे शहरवासियों को सावन माह से मायूसी ही मिली। पूरा सावन गुजर गया लेकिन लोगों को बारिश महसूस नहीं हुई। पिछले साल की तुलना में इस साल जुलाई में महज 25 प्रतिशत की बारिश हुई है। अगर पिछले नौ सालों की बात करें तो 2011 और 2012 को छोड़कर शहर में अच्छी बरसात हुई है।

जुलाई माह के दौरान शहर में 140.7 एमएम औसत बरसात होती थी। सावन के इस माह में लोगों को सबसे अधिक बारिश की उम्मीद होती है और लोगों की यह उम्मीद लगभग हर साल पूरी भी हुई है। परंतु इस बार जुलाई महीने ने बारिश को लेकर शहरवासियों को निराश किया है। एक जुलाई से लेकर 30 जुलाई तक शहर में महज 60.6 एमएम बारिश ही हो पाई है जो पिछले साल की तुलना में केवल 25 प्रतिशत ही है।

पिछले साल जुलाई में 241.2 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। सबसे अधिक बारिश 3 जुलाई को 70.4 एमएम दर्ज की गई थी। परंतु इस बार केवल 19-20 जुलाई को ही सबसे अधिक 47.1 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। उससे पहले और उसके बाद शहरवासी अच्छी बारिश के लिए तरसते रहे।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान : आगे भी अच्छी बारिश की उम्मीद कम
मौसमवैज्ञानिकों की मानें तो शहरवासी आगे भी अच्छी बारिश से महरूम रह सकते हैं। फिलहाल प्रदेश के आसपास के क्षेत्रों में कहीं भी कोई भी वेदर सिस्टम बनता नहीं दिख रहा है। परंतु लोगों को लोकल लेवल पर बनने वाले वेदर सिस्टम से होने वाली हल्की बारिश से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार तीन अगस्त तक थंडर स्ट्रॉम के चलते बारिश हो सकती है।