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डीटीसी में अब खुले रुपए रखने का झंझट होगा खत्म

डीटीसीबसों में एक अगस्त से एक पायलट प्रोजोक्ट शुरू होगा जिसमें दो सौ बसों में दिल्ली मेट्रो के स्मार्ट कार्ड स्वीकार किए जा सकेंगे। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल हुआ, तो सरकार डीटीसी और क्लस्टर सेवाओं को चलाने वाली दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम की भी सभी बसों में यह सुविधा देगी। इससे लोगों को खुले रुपए रखने से होने वाली परेशानी नहीं होगी। 

परिवहन अधिकारियों का कहना है कि डीएमआरसी द्वारा इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर सफलतापूर्वक डीटीसी और क्लस्टर बसों के सिस्टम के साथ इंटीग्रेटेड हो चुके हैं। ऐसे में हम अगस्त के मध्य तक पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की योजना हैं। वैसे इस योजना को जुलाई 2016 में शुरू किया जाना था, लेकिन इसे फिर स्थगित कर दिया गया था। 

एकदिन में पचास बसें लगाती हैं चक्कर 

गौरतलबहै कि गत वर्ष डीटीसी ने यह जांचने के लिए ट्रायल किए थे कि ये कार्ड उनकी बसों में कैसे काम करते हैं। इसके लिए डीटीसी ने अपनी बसों में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन भी लगाई है, ताकि मोबिलिटी कार्ड को रीड कर ई-रिसिप्ट दी जा सके। पर तब इसे शुरू नहीं किया जा सका। अब इसे पूरी तैयारी के साथ शुरू करने की योजना है। बहादुरगढ़ में भी दिल्ली तक की सेवा के लिए केवल डीटीसी बसें रेलगाड़ी की एक मात्र व्यवस्था है। यहां एक दिन में करीब पचास बसें चक्कर लगाती हैं। अब स्मार्ट कार्ड से पेमेंट देने से लोगों को खुले रुपए निकालने की परेशानी नहीं होगी।