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मांदकौल निवासियों में चल रही है रस्साकशी

     सदर थाना क्षेत्र के गांव मांदकौल में 20 जुलाई को हुई दुर्गादत्त की हत्या के मामले में गांव में रस्साकशी का माहोल बना हुआ है। पीड़ित पक्ष के लोग जहां गौचारण की जमीन खाली कराने के विवाद व भ्रष्टाचार की शिकायत की परिणति में हत्या का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं आरोपी पक्ष (निलंबित सरपंच राजेंद्र उर्फ लीलू) के लोग इसे गांव की राजनीति करार दे रहे हैं तथा सरपंच चुनाव में हुई पीड़ित पक्ष की हार से जोड़ रहे हैं।

       मामले में दोनों पक्ष पुलिस अधीक्षक सुलोचना गजराज से मिल चुके हैं। शुक्रवार को भी मृतक दुर्गादत्त के पक्ष में गांव के लोग लघु सचिवालय में पहुंचे तथा यहां प्रदर्शन कर नारेबाजी की व एसपी को ज्ञापन भी सौंपा।

       15 जुलाई को जिला उपायुक्त ने गांव के ललित कौशिक व वासदेव की शिकायत के आधार पर गांव के सरपंच राजेंद्र उर्फ लीलू को निलंबित कर दिया था। मृतक के भाई की शिकायत पर पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें से चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है। हत्या के मामले में तीन वकीलों का नाम आने पर बार एसोसिएशन भी तीन दिन की हड़ताल कर चुकी है