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नशा मुक्ति केंद्र के संचालक को गोली मारने के आरोपी को 10 साल की कैद

 विजयनगर में एक साल पहले नशा मुक्ति केंद्र के संचालक को गोली मारने के मामले में शुक्रवार को अतिरिक्त सेशन जज जयवीर सिंह की अदालत ने एक आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। अदालत ने एक आरोपी आकाश को बरी कर दिया। अदालत ने दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना भरने पर तीन साल की अतिरिक्त कैद होगी।
 
विजयनगर वासी मनीषा ने पुलिस को बताया कि उसका पति रवि बजाज 11 जुलाई 2016 को शाम के घर से खाना खाकर बाइक पर सवार होकर निकला था। जैसे वह गली के मोड़ पर पहुंचा तभी पीछे से आए सुंदर नगर वासी मंदीप ढांडा एवं दो अन्य ने गोली मार दी। पीठ में गोली लगने वह घायल होकर गिर गया। शोर होने पर वह मौके पर पहुंची तो देखा कि रवि बाइक सहित गिरा हुआ पड़ा था। उसकी पीठ में गोली लगी थी। हमलावर मौके से भाग गए। घायल को निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।

पुलिस ने मंदीप एवं आकाश सहित तीन के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया था। तफ्तीश के बाद पुलिस ने मंदीप और आकाश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत में दोनों पर मुकदमा चला। मुकदमे की सुनवाई अतिरिक्त सेशन जज जयवीर सिंह की अदालत में हुई। इस दौरान अदालत में कई गवाह और मुकदमे से संबंधित साक्ष्य पेश किए। अदालत ने साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद शुक्रवार को आरोपी मंदीप ढांडा को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई।