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अब पशुओं को आवारा छोड़ने वाले पशु पालकों के कटेंगे चालान

 डीसी विनय प्रताप सिंह ने शुक्रवार को जिले की सड़कों को आवारा पशुओं से मुक्त कराने को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपने पशुओं को आवारा छोड़ने वाले पशु पालकों और डेयरी संचालकों के चालान किए जाएंगे। पशुओं को पकड़कर गोशाला में बंद किया जाएगा। इन पशुओं को छोड़ने के लिए जुर्माना किया जाएगा। डीसी ने चालान काटने का काम सघनता से चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुड़गांव के कार्टरपुरी स्थित कामधेनू गोशाला तथा नंदीधाम से गायों नंदियों को सोहना के पास सिलानी गोशाला में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि इस गोशाला में और गायों के लिए जगह बन सके।
 
यह कान शनिवार सुबह से शुरू होगा और गायों नंदियों को ले जाने वाले वाहनों के साथ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहेगी। उन्होंने आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैचिंग पार्टियों की संख्या भी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट लेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि पशु पालन विभाग में कार्यरत 45 बुल अटेंडेंट इस काम में सहयोग करेंगे। आवारा पशुओं को उठाकर गोशाला तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गोशाला में उपलब्ध वाहनों के अलावा जरूरत के अनुसार प्राइवेट वाहनों का प्रयोग किया जाएगा।
 
बैठक में उपस्थित पटौदी एसडीएम रविंद्र यादव ने बताया कि फर्रुखनगर, पटौदी तथा हेलीमंडी में लगभग 80-80 आवारा पशु हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए संबंधित नगर पालिकाओं को आदेश जारी कर दिए जाएंगे।