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कालसर्प एवं पितृ दोष दूर करने के लिए हवन में डाली आहुति

 काल सर्पदोष से पीड़ित जातकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए गायत्री ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में तीन दिवसीय महायज्ञ धूमधाम से संपन्न हुआ। जिसमें नागपंचमी के अवसर पर खीर पूरी का भंडारा देकर नाग पूजन किया गया।

संचालक पंडित रामराज कौशिक ने बताया की कालसर्प दोष से पीड़ित जातकों के लिए नागपंचमी पूजा का सुनहरा अवसर होता है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नागपंचमी के अवसर पर जातकों के सभी दोषों को दूर करके आत्मिक शांति का अनुभव हुआ हैं। महायज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सन्नहित सरोवर स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में कालसर्प दोष मुक्ति महायज्ञ में आहुति डाली और भगवान शंकर के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। संस्था द्वारा सिद्ध यंत्र, मंत्र, कवच, रुद्राक्ष माला सभी भक्तों को दी गई। महायज्ञ में पंडित सतीश वशिष्ठ, पंडित रामकुमार शांडिल्य, मीनू पंडित, पंडित जगदीश वत्स, पंडित अमरनाथ, पंडित जय पाल, पंडित रोशन भारद्वाज, पंडित अनिल शास्त्री,पंडित संजीव, पंडित महावीर, पंडित सुनील, पंडित भूषण शास्त्री, जस¨वद्र शर्मा, सतीश ¨रकू शर्मा, योगेश ने पूजन कराया।