News Description
नप अध्यक्ष के खिलाफ बजा विरोध का बिगुल

नगर परिषद के चेयरमैन यशपाल प्रजापति के खिलाफ सदन के दो तिहाई पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश कर दिया है। 31 में से 22 पार्षदों ने बृहस्पतिवार को डीसी सुनीता वर्मा को अपने-अपने शपथ पत्र दाखिल किए। अहम बात यह है कि चेयरमैन यशपाल प्रजापति भाजपा व आरएसएस की पृष्ठभूमि से हैं और विरोध करने वालों में 14 पार्षद भाजपा से संबंधित हैं। शेष आठ पार्षद कांग्रेस पार्टी से हैं।

डीसी ने शपथ पत्र और आरोपों की स्टडी कर आगामी कार्यवाही का आश्वासन दिया है। अविश्वास जताने वाले पार्षदों का दावा है कि उनके पास कुल 26 का आंकड़ा है जो कि चेयरमैन को हटाने के लिए काफी है। सत्ताधारी दल के 14 पार्षदों का कहना है कि अगला प्रधान भाजपा से ही बनेगा, लेकिन अभी तक इस बारे में किसी भी नए उम्मीदवार का चयन नहीं किया गया है। सबसे पहले तो चेयरमैन को पद से हटाना है।

पार्षदों के आरोप

कोट्स, कार्यप्रणाली ठीक नहीं

चेयरमैन की कार्यप्रणाली ठीक नहीं हैं। उन्होंने कभी हमारी सुनवाई नहीं की। मेरे वार्ड के शहीद ऊधम ¨सह पार्क की बुरी हालत थी। मैंने चार रुपये महीना के अपने खर्च पर माली रखा, लेकिन चेयरमैन ने ध्यान नहीं दिया। वैसे तो वे सबका साथ सबका विकास की बात करते नहीं थकते। मगर सच्चाई कुछ और ही है।

- निशा गर्ग, पार्षद वार्ड नंबर चार

कोट्स, सबको दरकिनार कर दिया

अकेला चलो की नीति कभी ठीक नहीं रहती। यह लोकतंत्र है। चेयरमैन ने शुरू से ही सबको दरकिनार किया। यहां तक कि जिस वार्ड में काम हुए उनके पार्षदों को भी विश्वास में नहीं लिया गया। अहंकार के चलते उन्होंने खुद को सदन से भी बढ़कर मान लिया। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर यह विरोध है। हम सिर्फ उनकी कार्यप्रणाली से नाराज हैं।