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सब्जी मंडी में चरमराई सफाई व्यवस्था, दुकानदारों में रोष

कस्बेकी सब्जी मंडी की सफाई व्यवस्था चरमराने से आढ़तियों ने बुधवार को रोष जताया। पिछले एक माह से गंदगी को नहीं उठाया जाने से गंदगी के ढेर पड़े हुए हैं। मंडी में जगह जगह लगे गंदगी के ढेरों पर बेसहारा पशु मुंह मारते रहते हैं। इससे लोगों को सब्जी मंडी में आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहले मंडी में कर्मचारी दूसरे या तीसरे दिन सफाई कर देते थे, लेकिन अब तो करीब एक माह से यहां सफाई नहीं हो पाई है। आढ़तियों ने प्रशासन से मांग की है कि मंडी में डस्टबिन की व्यवस्था की जाए। जल्द से जल्द सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था कर सफाई करवाई जाए। 

डस्टबिनशौचालय नहीं होने से रही परेशानी :सब्जी मंडी के आढ़ती राकेश, अनिल कुमार, विजयकुमार, दलबीर, प्रधान राजेंद्र, अशोक कुमार, सुभाष, गिरधारी, अजीत, शीशपाल, रोशन रोहतास गुप्ता ने बताया कि सब्जी मंडी में पिछले एक माह से सफाई नहीं की गई है। जिससे जगह-जगह पर गली सड़ी सब्जियों के ढेर लगे हुए हैं। यहां के सभी नाले-नालियां गंदगी के कारण रुके पड़े हैं। थोड़ी सी ही बारिश में दुकानदारों की दुकानों में पानी भर जाता है। उन्होंने कहा कि सब्जी मंडी के दुकानदारों या लेबर के लिए सार्वजनिक शौचालयों की कमी है। यहां जो भी शौचालय बनाए गए हैं, या तो वे बंद रहते हैं या फिर गंदगी से भरे रहते हैं। कोई भी व्यक्ति वहां जाने की बजाए खुले में जाना पंसद करता है। 

कूड़ेको खुले में डाल देते हैं 

आढ़तीएसोसिएशन प्रधान राजेंद्र ने कहा कि सब्जी मंडी में प्रतिदिन दुकानदार कूड़ा बाहर डाल देते हैं। जिससे मंडी में गंदगी का आलम है। प्रशासन द्वारा जगह जगह पर डस्टबिन रख दिए जाएं तो खुले में डाले जानी वाली गंदी चीजों को उनमें डाला जा सकता है। एक दिन भी कूड़े को नहीं उठाया जाता है तो ढेर लग जाते हैं। 

सफाईकर्मियों की हो व्यवस्था 

दुकानदारअनिल कुमार ने कहा कि सफाई कर्मचारी होने से सब्जी मंडी गंदगी से अटी पड़ी है। प्रशासन को इस ओर ध्यान देकर सफाई कर्मचारियों को लगाना चाहिए, ताकि मंडी की सफाई हो सके। मंडी में जो भी शौचालय है, हमेशा बंद ही रहते हैं और इनकी कभी भी सफाई नहीं होती है।