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केस दर्ज होने के 43 दिन बाद खुद ही किया कोर्ट में सरेंडर

एचडीएफसीबैंकके एटीएम के कैश में गड़बड़ी करने का एक आरोपी केस दर्ज होने के 43 दिन फरार रहने के बाद खुद ही कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा। सरेंडर करने के बाद सीआईए वन की टीम ने उसका रिमांड मांगा। कोर्ट ने आरोपी गांव पलाका निवासी कंवरपाल को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। सीआईए वन इंचार्ज इंस्पेक्टर नरेंद्र राणा ने बताया कि महेंद्र की गिरफ्तारी भी जल्द होगी।  

      एचडीएफसी बैंक के जिले में 24 एटीएम हैं। बैंक से कैश लेकर एटीएम में डालने के लिए करार सिक्योरिट्रांस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एसआईपीएल) कंपनी के साथ था। कंवरपाल और महेंद्र कंपनी में बतौर कस्टोडियन थे। दोनों की जिम्मेदारी एटीएम में कैश डालने की थी। इन पर सभी एटीएम के कैश बॉक्स की चाॅबी और पासवर्ड होता था। बैंक से कैश लेकर वे एटीएम में डाल देते थे। पांच मई को कंपनी अधिकारियों ने एटीएम आईडी नंबर एसआईएनजेए12 का ऑडिट किया तो उसमें सात लाख 43 हजार 500 रुपए कम मिले। 

       अभी तक की जांच में आरोपी ने बताया कैश जमा करने के बाद शाम के वक्त हाथ से रिकॉर्ड लिखकर बैंक अधिकारियों को सौंप देते थे। जितने पैसे की जरूरत होती थी उतना निकाल लेते थे। मैनुअल के कारण अधिकारियों को इसकी भनक लगने में देरी हो गई।