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70 जा चुके जापान, 30 विद्यार्थी पासपोर्ट बनवाकर 2 माह से कर रहे इंतजार

.जापान-एशियायूथ एक्सचेंज कार्यक्रम के माध्यम से दसवीं कक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक हासिल करने वाले देश के सरकारी स्कूलों के 100 होनहार विद्यार्थियों को एडवांस टेक्नालॉजी से रूबरू करवाने के लिए जापान भेजा जाना था। लेकिन जापान साइंस एंड टेक्नालॉजी एजेंसी (जेएसटी) के माध्यम से एक सप्ताह के एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत 100 में से 70 विद्यार्थियों को तो जापान की सैर करने का मौका मिल चुका है।
 
लेकिन इसके बाद मई महीने में जाने वाले दूसरे ग्रुप के 30 विद्यार्थी 6 सुपरवाजार पासपोर्ट फिटनेस प्रमाण पत्र बनवा विभाग से पिछले दो महीने से जापान जाने की सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मुख्यालय की ओर से इस बारे में दो महीने बाद भी कोई सूचना नहीं भेजी गई है। जबकि देश के 30 विद्यार्थियों को मई महीने में ही जापान भेजा जाना था। इसके लिए अप्रैल महीने में ही विद्यार्थियों को जापान ले जाने के लिए पासपोर्ट फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने के आदेश जारी किये गए थे। इस कार्यक्रम के लिए दो ग्रुप बनाए गए थे।
 
जिनमें पहला ग्रुप को 16 अप्रैल से 22 अप्रैल तक जापान की टेक्नॉलॉजी से रूबरू होने का मौका मिल चुका है। लेकिन दूसरा ग्रुप जो 21 मई से 27 मई तक भेजना था। जिनमें 30 विद्यार्थी 6 सुपरवाइजर समेत कुल 36 सदस्य है। वो जापान जने की सूचना मिलने के इंतजार में बैठे है। एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत जापान की ओर से ही विद्यार्थियों की टिकट सहित वीजा आदि का खर्च किया जाना था। मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से उन्हें 100 विद्यार्थी और 20 सुपरवाइजरों को यूथ एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत भेजने के लिए चुना गया था।
 
- मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से स्कूलों के विद्यार्थियों को विदेश की एडवांस तकनीक से रूबरू होने का मौका दिया जाना था। इसमें हमारे स्कूल की छात्रा का भी चयन हुआ था। वह पासपोर्ट मेडिकल प्रमाण पत्र भी बनवा चुकी है। मई माह से इंतजार कर रहे हैं। विभाग की अोर से इस बारे में कोई सूचना नहीं आई है।