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दरिंदगीः केवल रमेश सिंह ही नहीं उसके 11 अरमानों की भी हुई हत्या

 डीएलएफ फेज तीन स्थित एक पीजी में पांच जुलाई को केवल रमेश सिंह बिष्ट की हत्या नहीं की गई, बल्कि 11 अरमानों की भी हत्या कर दी गई। होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने वाले सभी छात्र साइबर सिटी से वापस अपने गांव लौट गए। सभी ने अब होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने से ही इनकार कर दिया है। इतने छात्रों का भविष्य तबाह करने वालों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिससे कि फिर दोबारा ऐसी घटना न हो।

बृहस्पतिवार को अपने बेटे रमेश की हत्या के आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए जिला उपायुक्त को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने पहुंचे रतन सिंह ने भरे गले से कहा कि पूरे इलाके में मातम जैसी स्थिति है। इलाके से एक साथ 12 छात्र होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए पहुंचे थे।

 
 

पीजी संचालक व उसके लोगों ने लगभग सभी बच्चों की पिटाई की। रमेश की हत्या किए जाने का दुख है ही, इससे भी बड़ा दुख इस बात का है कि उसके सभी दोस्तों ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई आगे करने से मना कर दिया है। सभी ने अपनी आंखों से रमेश की हत्या होते देखा है। सभी पूरी तरह टूट चुके हैं।

इतने डर गए कि सभी ने गुरुग्राम ही छोड़ दिया। इस तरह एक रमेश की हत्या नहीं की गई है, बल्कि 11 अरमानों की भी हत्या कर दी गई। सभी ने होटल मैनेजमेंट करके बेहतर भविष्य बनाने के बारे में सोचा था।

सजा मिलने तक मुझे चैन नहीं मिलेगा

रतन सिंह कहते हैं कि उन्होंने केवल अपना बेटा नहीं खोया है, बल्कि कई सपने खो दिए। वह परिवार का नाज था। उसके जाने से ऐसा लगता है जैसे पूरा परिवार खाली हो गया। सभी जिंदा लाश की तरह हो गए हैं। जब तक सभी आरोपियों को उनके किए की सजा नहीं दिला देता, तब तक चैन नहीं बैठने वाला।

इच्छा है कि मामले को गुरुग्राम से उत्तराखंड के नैनीताल में ट्रांसफर कर दिया जाए। इससे उनकी परेशानी कम हो जाएगी। जितने भी छात्र रमेश की हत्या के गवाह हैं वे अब दोबारा गुरुग्राम आना नहीं चाहते हैं। नैनीताल में मामला ट्रांसफर करने पर सभी बेखौफ होकर गवाही दे सकेंगे।

बता दें कि उत्तराखंड के हलद्वानी के गांव लाल कुंआ तिवारी नगर इलाके से एक साथ 12 छात्र होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई करने के लिए गुरुग्राम पहुंचे थे। सभी एक ही जगह डीएलएफ फेज तीन स्थित एक पीजी में रह रहे थे

पांच जुलाई को देर रात बिजली-पानी की शिकायत करने पर पीजी संचालक व उसके लोगों ने सभी की पिटाई कर दी। आरोप है कि पीजी संचालक ने ही रमेश को चौथी मंजिल पर से धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।