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फुटबॉल प्रतियोगिता में छा गई सरकारी स्कूल की बेटियां

प्रतिभा और मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी बाधा आड़े नहीं आ सकती। रेवाड़ी के राव तुलाराम स्टेडियम में आयोजित प्री सुब्रतो लड़कियों की फुटबॉल प्रतियोगिता में भिवानी की बेटियों ने न केवल खिताब पर कब्जा किया बल्कि वहां उपस्थित खिलाड़ियों व खेलप्रेमियों का भी दिल भी जीत लिया। मंगलवार को रेवाड़ी में आयोजित इस प्रतियोगिता में भिवानी ने हिसार को 3-0 से पराजित कर सुब्रतो कप प्रतियोगिता के लिए जगह बनाई है।

भिवानी जिले के गांव अलखपुरा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की ये बेटियां खेल ही नहीं पढ़ाई में भी पीछे नहीं है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली इन बेटियों के माता पिता इतने सक्षम नहीं है कि उन्हें घर से बाहर जाने के लिए आर्थिक मदद कर सकें। इन खिलाड़ियों का खर्च सरकार द्वारा मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि के माध्यम से निकलता है। इसके बावजूद इस टीम की खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। खिलाड़ी समीक्षा 14 वर्ष के आयु वर्ग में नेपाल में आयोजित स्कूल स्तरीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का हिस्सा रह चुकी हैं। अन्यबाई पुत्री राजेंद्र भी चीन के विरुद्ध 16 वर्ष के आयु वर्ग में भारत की टीम की ओर से खेल चुकी हैं। टीम की खिलाड़ी कामना, रजनीबाला, कप्तान शारदा, प्रमिला, तमन्ना, स्वीटी आदि खिलाड़ी 14, 17 व 19 वर्ष के आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय प्रदर्शन कर चुकी हैं। इस टीम को मार्गदर्शन देने वाली नीलम हरियाणा की बेस्ट गोलकीपर रहीं। ज्योति, ममता, निर्मला टीम की अहम खिलाड़ी के रूप में पहचान बनाए हुए हैं। बतौर टीम इस सरकारी स्कूल का प्रदेश ही नहीं देशभर में नाम प्रसिद्ध है। ये खिलाड़ी वाट्सएप, इंटरनेट या सोशल साइट्स के तड़क भड़क से काफी दूर हैं।

मंगाली की बेटियों का रहा है देश भर में नाम रोशन:

हिसार जिला के गांव मंगाली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की टीम उपविजेता रही। इस टीम का राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर काफी नाम रहा है। टीम ने 2014 में दिल्ली में आयोजित सुब्रतो कप में असम को पराजित कर विजेता रही थी। उस वक्त टीम की खिलाड़ी रही सपना, अनीता, पूनम, पूनमरानी मंगलवार को रेवाड़ी में आयोजित प्री सुब्रतो कप में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए साथ आईं थी। टीम की कप्तान रेनू अंतरराष्ट्रीय स्तर के कैंप में देश और विदेश के खिलाड़ियों के साथ खेल चुकी हैं। वहीं अन्य खिलाड़ी शर्मिला, सचीना, रिती, मोना, मोनू, आरती, ज्योति, काजल, नेहा, दीपिका आदि खिलाड़ी नेशनल तक खेल चुकी हैं वहीं सरीता, गोलकीपर दीपिका, आशा, आशा, दिव्या, पूजा पहली बार टीम का हिस्सा बनी और बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया। इन सभी खिलाड़ियों के माता पिता किसान और मजदूर हैं। इन खिलाड़ियों का कहना है कि वे फुटबाल में करियर बनाते हुए देश के लिए अधिक से अधिक मैच जीतना चाहती हैं।