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दावों में नहीं दम, फिर भी अफवाहें नहीं कम

महिलाओं की चोटी कटने का सिलसिला लगातार जारी है। चोटी कटने के दावों में कोई दम नहीं है, बावजूद इसके अफवाहें कम नहीं हो रही हैं। चोटी कैसे और क्यों कट रही है? इसका न तो कोई महिला पुख्ता प्रमाण दे रही है और न ही इन मामलों की जांच के लिए प्रशासन की ओर से गंभीरता दिखाई जा रही है। सोशल मीडिया पर चोटी कटने की घटनाओं पर जम कर कटाक्ष किए जा रहे हैं।

कोसली क्षेत्र में कट रही चोटी

कोसली क्षेत्र में बीते बुधवार से महिलाओं की चोटी कटने का सिलसिला जारी हुआ था। टूमना निवासी महीपाल की पत्नी मंजीता ने चोटी कटने का दावा किया था। इसके बाद बृहस्पतिवार को सुरहेली गांव में एक महिला ज्योति पत्नी अजय ने चोटी कटने का दावा किया। शुक्रवार को टूमना गांव में पुन: एक महिला लक्ष्मी देवी पत्नी जिले ¨सह तथा शनिवार को रेलवे स्टेशन क्षेत्र की एक महिला संतोष देवी पत्नी जगमोहन ने अपनी चोटी कटने का दावा किया। सोमवार को गांव धनिया निवासी मीना पत्नी नरेन्द्र ने चोटी कटने का दावा किया था।

जिला के गांव सीहा में भी मंगलवार को एक महिला ने रात में चोटी कटने का दावा किया है। चोटी कटने का पता महिला को बुधवार सुबह लगा। महिला यह नहीं बता पाई है कि उसकी चोटी कैसे व किन परिस्थितियों में कटी और न ही किसी व्यक्ति को चोटी काटते देखा गया। अंधविश्वास के कारण लोग तांत्रिकों व ओझा की शरण में भी जा रहे हैं। डहीना के एक गांव में भी मंगलवार को एक महिला ने चोटी कटने का दावा किया था। शाम होते-होते पता लगा कि महिला ने स्वयं ही अपने बाल काटे थे। राजस्थान में हुई चोटी कटने की बहुत सी घटनाएं जांच के बाद झूठी पाई गई, जिनमें महिलाओं ने स्वयं अपने बाल काटे थे। रेवाड़ी में हो रही घटनाओं की गंभीरता से जांच हो तो सच्चाई सामने आ सकती है।

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सोशल मीडिया पर उड़ रहा मजाक

चोटी कटने की घटनाओं का सोशल मीडिया पर जम कर मजाक उड़ रहा है। फेसबुक पर गांव सहारनवास के पास चोटी काटने वाले गिरोह के पकड़ने जाने की फर्जी सूचना जमकर वायरल हो रही है। लोग बिना पुष्टि किए गिरोह पकड़े जाने की खबर को शेयर कर रहे है। वहीं वाट्सएप पर भी जम कर मजाक उड़ाया जा रहा है।