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निजी रूट परमिटों को रद करे सरकार, वरना होगा आंदोलन : किरमारा

निजी रूट परमिटों के विरोध में रोडवेज की आठों यूनियनों का विरोध जारी है। मंगलवार को सरकार एवं प्रशासन की परिवहन स्कीम 2016-17 के तहत प्राइवेट बसों को अड्डों से चलवाने और प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी के खिलाफ रोडवेज नेताओं की ओर से दो घंटे का प्रदर्शन किया गया, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार एवं आरटीए के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो प्रधान राजपाल नैन, राम¨सह बिश्नोई, सतपाल डाबला, रमेश माल, बहादुर ¨सह संडवा व कीमत ढांडा ने संयुक्त रूप से की। यूनियन के वरिष्ठ सदस्य दलबीर किरमारा, रमेश सैनी एवं जयभगवान बडाला ने कहा कि 13 जून को चंडीगढ़ में परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव आरके खुल्लर एवं परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ हुई बातचीत में हुए समझौते के अनुसार परिवहन स्कीम 2016-17 को पूर्ण रूप से रद्द करने, जनहित की नई नीति आने तक पहले से चल रही प्राइवेट बसों को पुराने टाइम टेबल पर ही चलाने और नये परमिट की एक भी बस को बस अड्डों पर न आने देने की सहमति बनी थी परंतु आरटीए की ओर से सरकार के आदेशों की धज्जियां उड़ा दी गई।

प्राइवेट संचालक मनमानी पर उतर आये हैं। उन्होंने कहा कि प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी पर तुरंत रोक नहीं लगाई तो किसी भी समय प्रदेश में रोडवेज बसों का चक्का जाम हो सकता है, जिसकी जिम्मेवारी सरकार एवं प्रशासन की होगी।

उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में रोडवेज के हजारों कर्मचारी पानीपत के मतलोडा में पहुंचकर परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार के कैंप कार्यालय का घेराव करने से पीछे नहीं हटेंगे। यदि इसके बावजूद भी सरकार की आंखें नहीं खुलीं तो यूनियन की ओर से कड़ा निर्णय लेकर आंदोलन किया जाएगा। इस मौके कुलदीप पाबड़ा, अरूण शर्मा, अजमेर सावंत, रमेश श्योकंद, धर्मपाल बूरा, सुभाष ढिल्लो, रमेश यादव, कमल ¨नबल, सुखबीर सोनी, सुरेन्द्र भाटिया व विजय सिवाच भी उपस्थित थे।