News Description
जगह नहीं मिली तो घर की छतों पर ही बना दी नर्सरी

: अध्यापक राकेश कुमार शास्त्री को स्कूल में पौधरोपण के दौरान ऐसी दिलचस्पी हुई कि उन्होंने अपना पूरा जीवन ही पर्यावरण संरक्षण के नाम कर दिया। पहले नर्सरियों से पौधे लेकर खाली स्थानों पर लगाए। जब नर्सरी में पौधे कम पड़ने लगे तो उन्होंने अपने घर की छत को ही नर्सरी बना ली और खुद ही पौधे तैयार करने लगे। उसके बाद वे उन पौधों को अपनी मोटरसाइकिल पर रखकर ढांड और आसपास के क्षेत्र में खाली स्थान पर वे पौधे लगाने पहुंच जाते हैं। उन्होंने बताया कि वे सिर्फ पौधे नहीं लगाते हैं, 

राकेश ने बताया कि उन्होंने खुद पौधे लगाने के साथ ही घर की छत पर पौधे तैयार कर लोगों को वितरित किए। कई बार लोग पौधे लगाना चाहते हैं, लेकिन वे इसके लिए नर्सरी तक की दूरी तय नहीं कर पाते। उनके दिमाग में यह बात आई और फिर उन्होंने सोचा कि अगर लोगों को घर पर ही पौधे उपलब्ध करा दिए जाएं तो लगाने के साथ ही उनकी देखभाल भी वे अच्छी तरह होगी और हम वातावरण को बचाने में भी कामयाब हो जाएंगे।