News Description
प्रश्न पत्र कम पड़े तो फोटो स्टेट के सहारे स्कूलों में हुए मंथली टेस्ट

सरकारी स्कूलों के हालात सुधारने की शिक्षा विभाग की गंभीरता की पोल उस समय खुल गई, जब सोमवार को स्कूलोंं में मंथली टेस्टों के लिए प्रश्नपत्र ही नहीं भेजे गए। सरकारी स्कूलों में सोमवार से पहली से 12वीं के मंथली टेस्ट शुरू हुए।
 
लेकिन मंथली टेस्ट के पहले ही दिन जिले के अधिकांश स्कूलों में प्रश्नपत्र ही पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंच पाए। जिले के विभिन्न स्कूलों में किसी विषय का सिर्फ एक प्रश्नपत्र भेजा गया तो किसी में 199 में से 99 प्रश्नपत्र गायब मिले। शहर के स्कूलों के साथ-साथ गांवों के स्कूलों में भी यही स्थिति रही। उदाहरण के तौर पर धांसू के सरकारी स्कूल में पांचवी कक्षा में 50 बच्चे थे। लेकिन विभाग की ओर से एक प्रश्नपत्र भेजा गया।
 
इस बारे में जब स्कूल की ओर से प्रश्नपत्रों के लिए शिक्षा विभाग से संपर्क किया गया तो वहां से प्रश्नपत्रों की फोटोस्टेट करवा परीक्षा संचालित करने के आदेश दे दिये गए। अधिकांश स्कूलों ने तो फोटोस्टेट करवा टेस्ट करवा दिया। लेकिन बहुत से स्कूलों में टेस्ट ही नहीं हो पाए।
 
जहाज पुल स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल कृष्ण कुमार के अनुसार कक्षा नौवीं के लिए 199 प्रश्नपत्र आने थे। जबकि प्रश्नपत्र के बंडल पर भी 199 लिखा हुआ था। लेकिन जब इन प्रश्नपत्रों को गिना गया तो इनमें से 99 प्रश्नपत्र गायब मिले। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी संतोष हुड्डा के अनुसार विभाग की ओर से सभी प्रश्नपत्रों को स्कूलोंं को भेज दिया गया था। जिन स्कूलों में प्रश्नपत्र कम पड़ रहे थे।