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आधा सावन बीता, नहीं बरसे बदरा

सावन माह में कम बारिश होने से किसानों की ¨चता बढ़ गई है। जून माह में प्री-मानसून की चाल अच्छी रहने से मानसून में बेहतर बारिश की उम्मीद जगी थी। मौसम विभाग

ने भी अच्छी बारिश होने की संभावना जताई थी, लेकिन आधा सावन माह बीत चुका है। मगर अभी तक मानसून ने गति नहीं पकड़ी है। मानसून की बेरुखी के चलते धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है।

कृषि एवं कल्याण विभाग के जिला उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि जिले में 1.10 हेक्टयेयर में धान की रोपाई की जानी है। इसमें 60 प्रतिशत पीआर और 40 प्रतिशत बासमती धान रोपाई की गई है। चौधरी चरण ¨सह कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं वरिष्ठ सब्जी विशेषज्ञ डॉ. सीबी ¨सह ने बताया कि बारिश में देरी होने के कारण सब्जियों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। घीया, तोरी व ¨भडी गर्मी के कारण झुलस रही है। फूल आ रहे हैं, मगर गर्मी होने के कारण उत्पादन नहीं हो रहा है। हालांकि अब बारिश की संभावना बनी है, इसलिए किसान इसलिए किसान खेतों से पानी की निकासी को दुरुस्त करें ताकि बारिश होने पर सब्जियों को नुकसान न पहुंचे।