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रीढ़ की हड्डी की बीमारियों की बजह आधुनिक लाइफ स्टाइल: विर्क

रीढ़ की हड्डी की बीमारियों की बजह आधुनिक लाइफ स्टाइल: विर्क 
१०० से अधिक मरीजों का चैकअप किया गया
करनाल, 
 रविवार को विर्क हस्पताल में मीरी पीरी वैलफेयर सोसाइटी द्वारा दिमाग व रीड़ की हड्डी से संबंधित रोगों का निशुल्क शिविर  लगाया गया। शिविर में १०० मरीजोंं का चैकअप किया गया। इसमें न्यूरो सर्जन डा. राकेश कुमार दुआ ने मरीजों का चैकअप किया । डा. राकेश कुमार दुआ ने बताया कि रीड़ की हड्डी की बीमारियों की मुख्य वजह हमारा बदलती हुई जीवनचर्या है जिसके उपर ध्यान देना जरूरी है। इसमें नियमित व्यायाम व उठने बैठने के तरीके से इन समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। रीड़ की हडड़ी की बीमारियों में १० प्रतिशत मरीजों को सर्जरी की जरूरत पड़ती है यदि सर्जरी आधुनिक विधि के साथ की जाए तो ९० प्रतिशत मरीजों को लाभ मिलता है। मरीजों को सर्जरी से घबराने की जरूरत नहीं है। डा. दुआ ने बताया कि बीमारियों से घबराना नहीं चाहिए। डाक्टर से मिलकर परामर्श कर बीमारी को समझना चाहिए ताकि समय रहते उसको नियंत्रित किया जा सके। आज निशुल्क हाथ व पैरों की नसों की जांच भी की  डा. दुआ ने बताया कि रीड़ की हड्डी की बीमारी, दिमाग की चोट से ग्रस्त रोगी को दिल्ली व चंडीगढ़ जाने की जरूरत नहीं है अब यह सुविधा यहाँ उपलब्ध है। इस अवसर पर डॉ बलबीर सिंह विर्क ने बताया कि समय समय पर रीढ़ की हड्डी की बीमारी से सम्बंधित हॉस्पिटल में सेमीनार लगाये जायेंगे ओर लोगो को जागरूक किया जायेगा । इस अवसर पर डॉ नेत्रपाल रावल डॉ पुष्पिंदर बजाज डॉ अमनप्रीत , राजीव मल्होत्रा, रजनीश सिंगला, अनुपम शर्मा, सत्येन्द्र नरवाल,योगेश कुमार,प्रणव , आशीष,संजीव भाटिया,पुनीत भाटिया,सिद्धार्थ राणा, रमेश मेहला, रमेश हूडा, मुख्य रुप से उपस्थित थे।