News Description
शहर में हो रहे बच्चों के अपहरण, गंभीर नहीं है गुड़गांव पुलिस

शहर में बच्चों के अपहरण मामलों में कार्रवाई को लेकर गुड़गांव पुलिस गंभीर नहीं दिख रही है। शनिवार रात राजेंद्रा पार्क एरिया में एक व्यक्ति 5 वर्षीय बच्चे को टॉफी का लालच देकर साथ ले जा रहा था। इसे लोगों ने घेर लिया और उसकी पिटाई के बाद पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन पुलिस ने बिना मेडिकल जांच कराए आरोपी को मानसिक रोगी घोषित कर मामला रफा-दफा कर दिया।
 
उधर पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान इस बात से भी लग रहे हैं जिस वक्त लोगों ने आरोपी को पकड़ा उस दौरान लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम के 100 नंबर पर कॉल किया, लेकिन 10 मिनट तक कॉल ही नहीं मिली। जब कॉल कनेक्ट हुई तो भी 25 मिनट तक कोई पीसीआर नहीं पहुंची। फिर पुलिस कमिश्नर को कॉल करने के 10 मिनट बाद यहां पुलिस पहुंची। इस संदर्भ में पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया।
 
शनिवार देर रात राजेंद्रा पार्क के ताऊ गोपीचंद गली में एक 5 वर्षीय बच्चा मौसी के घर पर सोया था। रात करीब साढ़े 10 बजे उसकी नींद खुली तो वो मौसी के घर से निकलकर पिछली गली में अपने घर जाने लगा। गली के मोड़ पर मौजूद एक अज्ञात युवक ने उसे टॉफी दिखाते हुए पास बुलाया। टॉफी लेने के लिए जैसे ही बच्चा उसके पास पहुंचा तो वो बच्चे को गोद में उठाता हुआ आगे चलने लगा।
 
जिस गली में वो घुसा वह आगे से बंद थी। इसी दौरान बच्चे ने जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। दूसरे कमरे में काम कर रही उसकी मौसी ने जब बच्चे को कमरे में नहीं पाया और बाहर से बच्चे के चिल्लाने की आवाज आई तो वो बाहर भागी। इस दौरान आरोपी ने लोगों को घर से बाहर आता देख बच्चे को गोद से उतार दिया और भागने का प्रयास किया। महिला ने शोर मचाकर लोगों को इकट्ठा कर आरोपी को दबोच लिया। इस दौरान लोगों ने पुलिस को कॉल की, लेकिन कंट्रोल रूम का नंबर नहीं मिला।
 
लोगों ने आरोपी को पीटना शुरू कर दिया। करीब 10 मिनट बाद पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर मिला। लोगों ने स्थानीय थाने में भी फोन कर सूचना दी, लेकिन इसके 25 मिनट बाद तक जब पुलिस नहीं पहुंची, तो मामले की जानकारी पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार को दी गई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और मौके पर पीसीआर को भेजा। पुलिस ने यहां पहुंचकर आरोपी युवक को लोगों की मार से बचाते हुए हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले गई।