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महिलाओं के बाल काटने की घटना को लेकर तरह-तरह की अफवाहें

फरुखनगर के गांव जटौला और यहां के गांव गुढ़ाना में महिलाओं के बाल काटे जाने की घटना के बाद इलाके में अफवाहों का बाजार गर्म हो गया है। इन गांवों के लोग भी इस मामले को लेकर अलग-अलग मत रख रहे हैं। कुछ लोग जहां इसे महज अफवाह मान रहे या फिर किसी की शरारत मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग शैतानी आत्मा का प्रकोप मान रहे हैं। ओझा व झाड़ फूंक करने वालों की सलाह पर घर के चारों ओर गोबर से लाइन खींच रहे हैं।

पहले इस तरह की घटना राजस्थान में सामने आई थी। इसके बाद नारनौल व रेवाड़ी में ऐसे कई मामले सामने आए। दो दिन पहले गांव जाटौला में एक महिला की सोते समय चोटी काट ली गई। महिला के मुताबिक घर में कोई बाहर से आ भी नहीं सकता था। यहां के बाद गांव गुढ़ाना में पुष्पा नाम की एक महिला की रात में सोते समय चोटी कट गई। यह बात फैलते ही पीड़ित महिला को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की अफवाहें चल रही हैं।

पुष्पा ने बताया कि सुबह चार बजे जब वे उठी तो उसकी चोटी कटी हुई सिरहाने की तरफ चारपाई के नीचे पड़ी हुई थी। डर के मारे उसे रोना आ गया था। पुष्पा के पति बिल्लू ने बताया कि घर के दरवाजे बंद थे बाहर से कोई आ भी नहीं सकता। गांव में ही रहने वाले मुकेश कहते हैं कि सब अंधविश्वास है। किसी शरारती तत्व का काम हो सकता है। वह भूत-प्रेत पर यकीन नहीं करते हैं। मुकेश की तरह कई युवा भी किसी की शरारत मान रहे हैं। गांव के सरपंच मुकेश, भाजपा नेता, राम कुंवार बोहरा, पूर्व सरपंच धर्मबीर ¨सह, हरि किशन तथा योगेश का भी कहना है कि इस तरह की घटना अंधविश्वास को बढ़ावा दे रही है।