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22 साल के राजनीतिक सफर में 4 पार्टियां बदलीं, भाजपा में लौटे बिट्टू

कैंटोन मेंट बोर्ड के पूर्व पार्षद उमेश साहनी बिटटू एक बार फिर भाजपा में लौट आए हैं। वह इसे अपनी घर वापसी बता रहे हैं। बिट्टू अनिल विज द्वारा करवाए जा रहे विकास से प्रभावित होकर कांग्रेस में बढ़ रही धड़ेबाजी से आहत होकर कांग्रेस को अलविदा कहने की मुख्य वजह बता रहे हैं। बिट्टू अपने 22 साल के राजनीतिक सफर में बंसी लाल की हरियाणा विकास पार्टी, अनिल विज की विकास परिषद और कांग्रेस के नेता रहे हैं।
 
कैंटोनमेंट इलाके में उनकी पत्नी सिम्मी साहनी भी उनके साथ पार्षद रह चुकी हैं। अब कैंटोनमेंट बोर्ड की राजनीति रोचक हो गई है क्योंकि जिस वक्त बिट्टू ने दोपहर में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से मुलाकात करके उनके प्रति अपनी आस्था प्रकट की तो उस समय कैंटोनमेंट बोर्ड के उपाध्यक्ष अजय बवेजा भी उनके साथ थे। यह गठजोड़ बोर्ड की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
 
1998 में कैंटोनमेंट में विकास परिषद के समर्थन से पहुंचने वाले एकमात्र पार्षद: उमेश साहनी बिट्टू ने बताया कि वह छात्र जीवन में भी राजनीति में सक्रिय रहे। पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल ने की हरियाणा विकास पार्टी की कार्य शैली भाई तो उनके साथ राजनीति के मैदान में कूद पड़े। इसके बाद अनिल विज की विकास परिषद में विज के लिए काम किया।
 
विज के सबसे करीबी और निष्ठावान लोगों में साहनी की गिनती होती थी। इसका ईनाम भी मिला और 1998 में कैंटोनमेंट बोर्ड में विकास परिषद के समर्थन से पहुंचने वाले एकमात्र पार्षद बने। यह ताज 2008 तक बरकरार रहा। इसी दौरान कांग्रेस का दामन थामा और पूर्व विधायक डीके बंसल के करीबियों में कुछ ही दिनों में इनका नाम शुमार होने लगा।
 
2008 के चुनावों मे साहनी और उनकी पत्नी सिम्मी दोनों ही पार्षद बने। इस दौरान बिट्टू ने निर्मल सिंह और सैलजा को भी अपने काम और पकड़ से बहुत प्रभावित किया। 2014 के चुनावों से ऐन पहले बिट्टू विज के निवास पर जाकर भाजपाई हो गए। परंतु कुछ दिनों बाद ही टर्निंग प्वाइंट गया और बिट्टू कांग्रेस में लौट आए। अब बिट्टू ने एक बार फिर भाजपा में अपनी एंट्री को घर वापसी बताकर राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।