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बंदियों ने शर्ट उठाकर अस्पताल में दिखाए जख्म, हंगामा

करीब तीन दिन पूर्व शहर स्थित सेंट्रल जेल में विचाराधीन बंदी मोहित उर्फ इशु और अमित मलिक द्वारा जिला पुलिस व जेल प्रशासन पर लगाए गए मारपीट व जातिसूचक शब्द के आरोपों में रविवार को मेडिकल के दौरान शहर ट्रामा सेंटर में हाइप्रोफाइल ड्रामा चला। बंदियों ने अपने शरीर पर लगे जख्म दिखाने के लिए टी-शर्ट उतारनी चाही तो मुलाजिमों के हाथ-पांव फूल गए। उन्हें रोकने के लिए मुलाजिमों ने कड़ी मशक्कत की लेकिन नाकामयाब रहे। दोनों को जबरन वैन में भी धकेल दिया। बावजूद इसके बंदियों ने वैन के भीतर अर्धनग्न होकर अपने जख्म दिखाए तथा अपने बयानों पर अड़े रहे। इन्हीं बंदियों से बरामद हुए अवैध मोबाइल फोन के बारे में बलदेवनगर थाने में जेल अधिनियम के तहत दर्ज मामले की तफ्तीश जारी है। वहीं पुलिस प्रशासन तमाम आरोपों को सिरे से नकार रहा है।

उनका कहना है कि जेल में बंदियों की मनमर्जी पर लगाम कसे जाने के बाद वे परेशान हैं, बंदियों ने अपने शरीर पर स्वयं चोटें मारी हैं ताकि कानून का अनुचित प्रयोग कर प्रशासन पर दबाव बना सकें। मेडिकल के दौरान बंदियों के रिश्तेदार व सहयोगी भारी तादाद में पहुंचे। किसी प्रकार की अनहोनी से बचाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बंदियों के परिजनों की मुलाकात के बाद एसपी अभिषेक जोरवाल ने मामले की जांच डीएसपी राजेश शर्मा को सौंपी है। बंदियों के परिजनों ने धमकी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे उपायुक्त प्रभजोत ¨सह को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज करवाएंगे।