News Description
इंजीनियर बेटी ने पिता की चिता को दी मुखाग्नि, समाज को दिया संदेश

यहां एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी अौर बेटे की तरह अपना फर्ज निभाया। झण्‍जर में इस इंजीनियर बेटी ने अपने पिता के निधन के बाद उनका अंतिम संस्‍कार किया। उसके पिता लंबे समय से बीमार थे। वह अपने पिता की इकलौती संतान है।झज्‍जर के 48 वर्षीय राजू मेहता लंबे समय से बीमार थे और करीब एक वर्ष से तो वह ठीक ढंग से चल भी नहीं पाते थे। उनकी एक ही बेटी है मनीषा। मनीषा को उन्होंने बेटे समझा और पढ़ाया-लिखाया। बीमारी के दौरान भी वह कहते थे कि मेरी मोना मेरी बेटी और बेटा दोनों है। वह मनीषा को माेना नाम से बुलाते थे। मनीषा इंजीनियर हैं और गुरुग्राम में कार्यरत हैं।