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पहले दो एटीवीएम बन गए कबाड़, अब तीन नए लगेंगे

शहर के रेलवे स्टेशन पर अब फिर से एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन) लगाने का काम शुरू हो गया है। अबकी बार तीन नई मशीनें लगेंगी। जबकि पहले दो मशीनें लंबे समय तक उपयोग न होने और देखरेख के अभाव में कबाड़ बन गई। दरअसल, यात्रियों की ओर से हाल ही में रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की माग की गई। इसको लेकर रेलवे बोर्ड को पत्र भी लिखा गया साथ ही दैनिक रेल यात्री समिति की ओर से एक आरटीआइ के जरिये कुछ बिंदुओं पर सूचना भी मागी गई है। दूसरी ओर रेलवे की ओर से बहादुरगढ़ में एटीवीएम लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।

वैसे तो यहा पर दो एटीवीएम मशीनें कई साल पहले लगाई गई थी। इनका प्रयोग ज्यादा नही हुआ। चुनिंदा यात्री ही इसका इस्तेमाल करते थे। इनके जरिये टिकट लेने पर पाच फीसद की छूट दी जाती है। इसके बावजूद यात्री इसकी तरफ ज्यादा आकर्षित नहीं हो पाए और रेलवे ने भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया। नतीजा यह हुआ कि दोनों एटीवीएम कुछ समय में ही ठप हो गए। पिछले डेढ़ साल से दोनों एटीवीएम यहा पर शोपीस बने हुए थे। अब, रेलवे ने इनकी जगह तीन नए एटीवीएम लगाने का काम शुरू किया है। इस पर सभी यात्री एकमत नही है। कुछ का कहना है कि बहादुरगढ़ में एक साथ तीन-तीन एटीवीएम की जरूरत नही है। पहले इस तरह की व्यवस्था का क्या हश्र हुआ, यह सबके सामने है। अब दो की बजाय तीन मशीनों का औचित्य समझ से परे है। यह तो एक तरह से पैसे की बर्बादी है। इतनी संख्या में एटीवीएम की जरूरत तो बड़े स्टेशनों पर होती है। दैनिक यात्री मनोज कुमार, सतीश व प्रवीण शर्मा ने बताया कि एटीवीएम से पहले तो स्टेशन पर और सुविधाओं की दरकार थी। यहा पर ज्यादा से ज्यादा एक एटीवीएम लगाई जा सकती है। मगर जिस तरह से पहले की दो मशीनें कबाड़ बन गई, ऐसे में नई मशीनों से यात्रियों को फायदा मिलेगा, इसकी कोई गारटी नही है। उधर, दैनिक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल हाडा का कहना है यदि बहादुरगढ़ में एटीवीएम लगाई जाती है