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कर्मचारी सर्वे पर, बीमारियों का खतरा

डेंगू-मलेरिया का सीजन सिर पर है, लेकिन जिला प्रशासन ने मलेरिया विभाग के उप सिविल सर्जन सहित सभी 22 के 22 कर्मचारियों की ड्यूटी जनसेवा सर्वेक्षण में लगा दी जबकि मच्छरजनित बीमारियों को फैलने से रोकने में यही कर्मचारी अहम भूमिका निभाते हैं। एंटी लारवा अभियान इन्हीं कर्मियों द्वारा चलाया जाता है। ये लोगों के घर-घर व जाकर कूलर, पानी की टंकी, गमलों व खाली प्लॉटों में इकट्ठा पानी की जांच करते हैं और मच्छर पनपने से पहले ही उसके लारवा को नष्ट कर देते हैं। इन कर्मचारियों की कहीं और ड्यूटी लगाए जाने के बाद इस अभियान पर निश्चित रूप से असर पड़ेगा। इसका परिणाम यह होगा कि शहर में मच्छर बढ़ेंगे और उनसे फैलने वाली बीमारियों खतरा भी बढ़ेगा।डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, डायरिया व जापानी बुखार से बचाव के लिए मलेरिया विभाग काम करता है। इसमें कार्यरत स्वास्थ्य निरीक्षक पेजयल के सैंपल लेते हैं, जबकि बहुउद्देश्यीय कर्मचारी के साथ घर-घर जाकर डेंगू मलेरिया के प्रति जागरूक करते हैं।

इसी विभाग की टीम घर-घर जाकर फ्रिज, कूलर, पानी की टंकियों की जांच करती है। इनमें अगर मच्छर का लारवा मिलता है तो उन्हें नष्ट करती है। ऐसे लोगों व अधिकारियों को नोटिस देने व जुर्माना करने की जिम्मेदारी भी टीम की होती है, जिनके घर या कार्यालय में मच्छर का लारवा पाया जाए। इसके अलावा डेंगू, मलेरिया से प्रभावित लोगों के घर का निरीक्षण करके उनकी हिस्ट्री निकालने का काम भी यही टीम करती है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके।