News Description
मूलभूत सुविधाओं की कमी, छात्रों की शिक्षा पर पड़ रही भारी

 प्रदेश सरकार शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए कई कदम उठा रही है। स्कूलों को अपग्रेड करने के साथ-साथ उन्हें हाइटेक किया जा रहा है। मगर अभी भी स्कूलों में सुधार करने की गुंजाइश है। उमरी गांव की पंचायत के अधीन डेरा झींरा का मिडिल स्कूल व प्राथमिक पाठशाला में मूलभूत सुविधाओं की कमी सरकार के दावों की पोल खोल रही है।

स्कूल में शिक्षा का स्तर उठाना तो दूर की बात यहां छात्राओं के लिए न तो बिजली की मुकम्मल व्यवस्था है और न ही पीने का स्वच्छ पानी मुहैया हो रहा है। आलम यह है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते स्कूल के भवन पर वर्षो से रंग-रोगन नहीं किया गया और न ही स्कूल होने के बारे में कोई स्कूल का बोर्ड लगाया गया है। ग्रामीण स्कूल का स्तर उठाने व मूलभूत सुविधाओं की मांग करते आ रहे हैं, मगर न तो शिक्षा विभाग ने और न ही प्रशासन ने इसकी सुध ली है।

सुविधाओं के अभाव में छात्रों को नहीं मिल रही शिक्षा

ग्रामीण राजपाल, राजकुमार, दिनेश कुमार, कर्मचंद, बिमला देवी, सुनीता, विनोद, राजेश व पाणो देवी ने बताया कि स्कूल में कई वर्षों से मूलभूत सुविधाओं की कमी का खामियाजा शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र भुगत रहे हैं। उनका आरोप है कि उमरी पंचायत के सरपंच कृष्ण लाल डेरा झींरा की समस्याओं के प्रति उदासीन हैं। जब भी उनसे डेरा व स्कूल में समस्याओं को लेकर शिकायत की जाती है तो वे टाल जाते हैं। उनका कहना है कि स्कूल के साथ जोहड़ है। पानी की निकासी न होने के कारण अक्सर जोहड़ का पानी दीवार के साथ खड़ा होने से दीवार को नुकसान पहुंच रहा है। दूसरी ओर स्कूल का खेल मैदान हल्की बारिश में लबालब हो जाता है, जिससे प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाले बच्चों के साथ हादसा होने का भय बना रहता है। स्कूल में पीने के पानी के लिए प्रशासन द्वारा कोई स्वच्छ जल की व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को जिला प्रशासन व राजनेताओं के आगे रखा था, मगर उन्हें आज तक समाधान के बदले आश्वासन ही मिलते आए हैं।