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चोरों ने पहले चुराया 32 तोला सोना, अब समझौते के प्रयास में जुटी क्राइम ब्रांच

पहले लॉकर से 32 तोले सोना और 4 हजार कनाडाई डाॅलर चोरी किए गए। फिर आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय पुलिस ने पीड़ित शिकायतकर्ता को गुरुद्वारे में ले जाकर उससे कसम दिलाई कि उसकी शिकायत सही है। इसके बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। दूसरी तरफ एक बार फिर मामले के समझौते के प्रयास शुरू कर दिए। गुरुवार को स्टेट क्राइम ब्रांच के एडीजी पीके अग्रवाल ने पीड़ित को कसम दिलाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने इस मामले को गंभीर मानते हुए जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात की है।

पीड़ित जसविंद्र ने बताया कि वह अपने गहनों और डॉलर की बरामदगी के लिए लगातार इधर-उधर चक्कर लगा रहा है। उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। पहले पुलिस बुलाती रही, लेकिन आरोपी रविंद्र ढांडा कभी नहीं आया। इसके बाद क्राइम ब्रांच द्वारा बुलाए जाने के बाद भी आरोपी नहीं आया। शुक्रवार को जांच कर रहे जांच अधिकारी ने दोनों पक्षों को बुलाया है। पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से डॉलर और सोने के जेवर गायब होने के मामले में पीड़ित ने एफआईआर दर्ज करवाई थी। छह माह के बाद भी पुलिस न तो अारोपी को पकड़ पाई और न ही सामान बरामद कर पाई। पुलिस कानूनी कार्रवाई के बजाय समझौते के प्रयास में जुटी है। रसूखदार होने के कारण पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी से बचती रही है।