News Description
जाम का तोड़ ढुंढने के लिए तकनीकी स्तर पर किए जाएंगे प्रयास

सडक़ सुरक्षा को लेकर और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिला में विशेष रूप से डाटा इक्कठा किया जाएगा, जिसमें वो तमाम जानकारी उपलब्ध होंगी जिससे दुर्घटना होने की सम्भावनाएं बनती हैं। यहां तक की पानीपत और समालखा में लगने वाले जाम का तोड़ ढुंढने के लिए भी तकनीकी और व्यवहारिक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।

     इसके लिए राज्य सरकार ने जिला में सडक़ सुरक्षा सलाहकार की नियुक्ति की है। इसलिए सभी अधिकारी सडक़ सुरक्षा सलाहकार को सडक़ सुरक्षा से सम्बंधित रिपोर्टस तैयार करके दें ताकि वे अपनी रिपोर्ट को सरकार के साथ सांझा कर सके। उपायुक्त डा0 चन्द्रशेखर खरे ने यह जानकारी वीरवार को लघु सचिवालय में जिला स्तरीय सडक़ सुरक्षा समिति की बैठक में देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने रोड़ सेफ्टी सुदृढ बनाने के लिए यह कदम उठाया है। सडक़ सुरक्षा सलाहकार(आरएसए) जिला प्रशासन और अन्य विभागों के साथ तालमेल बनाकर जिला का सारा डाटा इक्ठा करेंगे जिसमें निर्माण ढांचा, सडक़ों की लम्बाई-चौड़ाई, दुर्घटना सम्भावित कटों, अण्डरपास इत्यादि सारी जानकारियां होगी। 

      उन्होंने कहा कि उन स्कूल संचालकों या शिक्षण संस्थानों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी जिन संस्थानों के वाहन चालक नियमों का पालन नहीं करते। उन्होंने बताया कि इस योजना में स्कूलों के सभी तरह के वाहन आते हैं। सभी वाहनों का रंग पीले रंग का होना अनिवार्य है। आगे की तरफ सफेद पट्टी, दोनों साईड में पीली पट्टी और पीछे लाल रंग की पट्टी होना जरूरी है।