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मां गई थी बेटी के लिए बिस्कुट लेने, लौटी तो नहीं थी खाने वाली...

कैथल जिले के गांव कुराड़ में गंदे पानी के तालाब की दलदल में फंसने से 2 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। 14 घंटे तक घर की दहलीज से कुछ ही दूर बच्ची जिंदगी-मौत की लड़ाई लड़ती रही और किसी को पता भी नहीं चला। सुबह जब बच्ची का शव किनारे पर आया तो लोगों को घटना की जानकारी लगी। मां वह बार-बार एक ही बात कह रही है, लाडली उठ, बिस्कुट खा ले। मैं तेरे लिए बिस्कुट लेकर आई हूं।मिली जानकारी के अनुसार कलायत इलाके में पड़ते जिले के गांव कुराड़ की महज 2 साल की बच्ची स्नेहा मंगलवार शाम करीब 4 बजे अचानक उस वक्त लापता हो गई थी, जब उसकी मां सुखविंद्र उसके लिए बिस्कुट लेने दुकान पर गई हुई थी।

- लौटने पर बच्ची को घर न पाकर परिवार के लोगों ने तुरंत आस-पड़ोस में तलाश की। काफी समय तक जब कोई सुराग न लगा तो अनहोनी की आशंका पैदा हुई।
 
सुबह इस तरह चला पता, 4 घंटे न्याय के लिए गुहार
- सुबह ग्रामीणों की नजर दलदल के बीच एक शव पर पड़ी। लोगों ने जब कूड़ा-कर्कट के बीच से स्नेहा को बाहर निकाला तो वह अचेत थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे डेड घोषित कर दिया।
- इस घटना के बाद स्थिति उस समय तनाव पूर्ण हो गई, जब प्रशासन के प्रति गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय मिलने तक संस्कार करने से इनकार कर दिया। करीब 4 घंटे तक मासूम का शव रखकर परिवार व ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
- इसके बाद तहसीलदार चंद्रमोहन बिश्नोई के आश्वासन पर बच्ची की डेड बॉडी का पोस्टमार्टम करवाने को तैयार हो गए और उसे कैथल के नागरिक अस्पताल भेज दिया।