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गर्मी में दो-दो टी-शर्ट पहन खेलीं लड़कियां, मैच से पहले खिलाड़ियों काे ढोना पड़ा पानी

भीम स्टेडियम में शुरू हुई दो दिवसीय जिला स्तरीय प्री नेहरू हॉकी प्री सुब्रतो फुटबाल स्पर्धा में बजट नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी लड़कियों को हुई क्योंकि चेंजिंग रूम नहीं होने के चलते दो-दो टीशर्ट पहन गर्मी में खेलना पड़ा। इसके विपरीत जब हॉकी के मैच शुरू हुए तो मैच शुरू होने से पहले खिलाड़ियों को पानी की बाल्टियां ढोनी पड़ी।

इस बारे में जब एईओ से बात हुई तो उन्होंने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। अब मामला संज्ञान में कब आएगा और क्या कार्रवाई होगी इसका जबाव भी किसी के पास नहीं है। जब खिलाड़ियों से पूछा तो उन्होंने नाम छापने की शर्त पर बताया कि वो यहां पर खेलने के लिए आए थे एक तो इस स्तर पर काेई इनामी राशि नहीं होती दूसरा प्रबंध भी खुद करने पड़ रहे हैं इससे बेहतर होता कि जो स्कूल भाग लेने नहीं पहुंचे उनकी तरह वो भी नहीं आते।
 
पेयजल की, बैठने की व्यवस्था
इतनीगर्मी होने के बावजूद पीने के पानी और बैठने के लिए कोई प्रबंध नहीं था। खिलाड़ी पेड की छांव में बैठ गर्मी से बचे। पानी के लिए खिलाड़ियों को वाटर कूलर तक पहुंचना पड़ा जबकि होना यह चाहिए था कि कम से कम पानी के कैंपर तो उस स्थान पर रखवाए जाते जहां पर मैच चल रहे थे। ऐसे में खिलाड़ियों को पानी के लिए गर्मी में बार बार भाग दौड़ करनी पड़ी।
 
हॉकी ग्राउंड में एंट्री से पहले साफ करते हैं जूते: हॉकीग्राउंड में जब भी खिलाड़ी एंट्री करते हैं तो जिस स्थान पर एंट्री करते हैं वहां पर पानी का एक छोटा सा हौद बनाया जाता है। इसमें पानी डाला जाता है तथा खिलाड़ी अपने जूतों को नीचे तली से भिगोकर मैट पर साफ करते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि जूतों पर लगी हुई मिट्टी ग्राउंड तक ना पहुंचे। लेकिन बुधवार को जब स्पर्धा शुरू हुई तो हौद में पानी नहीं था जिससे चलते मैच खेलने से पहले खिलाड़ियों को बाल्टी भर भर कर उसमें पानी डालना पड़ा तब जाकर खिलाड़ियों को ग्रांउड में एंट्री मिली।
 
गर्मी से बुरा हाल, लेकिन हौसला नहीं टूटा: तापमानमें बढ़ी उमस के चलते लोगों का बुरा हाल था और इतनी गर्मी में ग्राउंड में खेलना बेहद मुश्किल था लेकिन खेल के प्रति लगाव और जीतने की ललक ने खिलाड़ियों के आगे आई बाधा रोडा नहीं बन पाई। खिलाड़ी उतनी ही शिद्दत के साथ खेलते हुए नजर आए जितनी वो हर मैच में खेलते हैं। जिन लड़कियों को स्टेडियम के बारे में थोड़ा बहुत कुछ पता था वो तो अपनी ड्रेस चेंज कर आई लेकिन जिनको नहीं पता था वो दो दो टी शर्ट पहन कर ग्राउंड में खेलती हुई नजर आई।