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मुख्य ग्रंथी की फतेहगढ़ में हत्या, अलीका में हुआ अंतिम संस्कार

गांव अलीका निवासी 38 वर्षीय मुख्य ग्रंथी प्यारा सिंह का पंजाब के फतेहगढ़ साहिब स्थित गुरुद्वारा में एक निहंग ने सिर कलम कर गुरुद्वारा साहिब की सीढ़ियों में रख दिया। घटना वीरवार की है। मृतक ग्रंथी प्यारा सिंह गांव अलीका की भगत सिंह ढाणी का रहने वाला था। पिछले कुछ साल से वह पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के एक गुरुद्वारा में मुख्य ग्रंथी के तौर पर सेवा कर रहा था। शनिवार को पुलिस ने मृतक प्यारा सिंह के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया। देर शाम गांव अलीका में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। हत्या का कारण आपसी रंजिश बताई जा रही है।
 
गुरुद्वारे में उत्तराधिकार को लेकर दो गुट बने हुए थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच फतेहगढ़ साहिब के एसपीडी बलजीत सिंह राणा कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार मृतक रतिया के गांव अलीका निवासी प्यारा सिंह पिछले कुछ सालों से गुरुद्वारा दीवान गढ़ साहिब में मुख्य ग्रंथी के तौर पर सेवा कर रहा था। वहीं पर बसी पठाना के गांव लौहारी निवासी निहंग चरणजीत सिंह भी रह रहा था। किसी बात को लेकर प्यारा सिंह चरणजीत सिंह में आपसी तकरार हो गई। आरोप है कि इसी रंजिश में आरोपी चरणजीत सिंह ने गंडासी से ग्रंथी प्यारा सिंह का सिर धड़ से काट कर अलग कर दिया। 
धड़ को लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी मृतक प्यारा सिंह के सिर को उठाकर गुरुद्वारा की सीढिय़ों में रख दिया और आरोपी खुद गुरुद्वारा की छत पर चढ़ गया।