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कॉलोनियों को नियमित करने में अब कलेक्टर रेट का पेंच

साइबर सिटी की 47 कॉलोनियों के जल्द नियमित होने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। मुख्यालय की ओर से अब नगर निगम से कलेक्टर रेट मांगे गए हैं। इससे पहले मार्केट रेट भी मांगे गए थे। कलेक्टर रेट और मार्केट रेट के हिसाब से ही इन कॉलोनियों को नियमित या वैध करने के लिए डेवलपमेंट चार्ज वसूला जाएगा। बता दें कि 2016 में प्रदेश सरकार द्वारा निकायों की 605 अवैध कॉलोनियों में विशेष नियमों के तहत वैध होने से पहले ही बुनियादी सुविधाएं देने की घोषणा की थी। नगर निगमों से इसके प्रस्ताव मांगे गए थे। अप्रैल 2017 तक अवैध कॉलोनियों में सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी थी, लेकिन सरकारी कागजी खानापूर्ति में ही एक साल बीत चुका है। कॉलोनियों पर वैध होने की मुहर लगने के बाद इनमें बिजली, पानी, सीवर और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं नगर निगम की ओर से दी जाएंगी। गुरुग्राम व आसपास के क्षेत्र में काफी अवैध कॉलोनियां बस गई हैं। 47 कॉलोनियों को नियमित करने का प्रस्ताव मुख्यालय को एक साल पहले भेजा गया था। इन कॉलोनियों की आबादी भी लाखों में है, लेकिन वैध नहीं होने से इनमें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जिसके चलते लोग परेशान हैं।

शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय की ओर से पहले मार्केट रेट मांगे गए थे, जोकि भेज दिए गए हैं। अब कलेक्टर रेट मंगवाए गए हैं। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद 47 कॉलोनियों के नियमित होने की उम्मीद है।