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एचआइवी पीडि़ता ने लगाए प्राचार्य पर प्रताड़ना का आरोप, मांगी इच्छा मृत्यु

जेएनएन, फतेहाबाद। टोहाना में एक संस्था के स्कूल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने प्राचार्या पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है। महिला कर्मी ने बताया कि वह एचआइवी पॉजीटिव है, इसलिए उसे प्राचार्य की ओर से तंग किया जा रहा है। महिला ने बुधवार को इस बोर में डीसी कार्यालय में शिकायत दी। साथ ही शिकायत की प्रतियां संस्थान के उच्चाधिकारियों और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति को भी भेजी हैं।

शिकायत में महिला ने बताया कि उसे अपने पति से यह बीमारी हो गई थी। महिला का आरोप है कि जब स्कूल की प्राचार्या को उसके एचआइवी ग्रस्त होने की जानकारी मिली तो वह घृणा की दृष्टि से देखने लगी है। यहां तक कि उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए नौकरी छोड़ने के लिए भी विवश किया जा रहा है।

महिला का कहना है कि उसे समय-समय पर मेडिकल जांच करवाने और दवा लेने के लिए हिसार या अग्रोहा जाना पड़ता है, लेकिन प्राचार्या उसे छुट्टी नहीं देती। वह कहती हैं कि पहले ड्यूटी जरूरी है, दवा तो बाद की बात है। शिकायत में बताया है कि प्राचार्या उसकी ड्यूटी ऐसी जगहों पर लगा देती है, जहां उसे घंटों तक खड़ा रहना पड़े। वह अगर नौकरी छोड़ती है तो घर का गुजारा नहीं चल सकता। मगर नौकरी की वजह से वह इतनी परेशान हो चुकी है कि आत्महत्या के विचार उठते हैं।