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बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की उड़ी धज्जियां, कार्यक्रम में छात्राओं से उठवाए जूठे बर्तन

गांव गुलडेहरा के सरकारी स्कूल में शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें डी.सी. सुमेधा कटारिया बतौर मुख्यातिथि पहुंचीं। कार्यक्रम में मौजूद लोग उस समय हक्के-बक्के रह गए जब छात्राएं शिक्षक के जूठे कप उठाने पर मजबूर दिखीं। पूछने पर बच्चियों ने बताया कि उनको एक अध्यापक ने जूठे बर्तन उठाने को कहा है। जब यह सब हो रहा था तो शिक्षा विभाग की डी.ई.ओ. सुमन आर्य व बी.ई.ओ. सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अलावा तहसीलदार पिहोवा चेतना चौधरी भी मौजूद थीं लेकिन किसी अधिकारी ने छात्राओं से जूठे बर्तन उठवाने के लिए जिम्मेदार टीचर को बुलाकर नहीं पूछा। ज्यादातर अधिकारी इस बारे पूछे जाने पर जवाब देने से बचते रहे। 

गुलडेहरा में जब डी.सी. शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में हिस्सा ले रही थीं, तब गुलडेहरा के कृष्ण कुमार, राजपाल, कमला, श्याम सुंदरी, बबली, राम वाई, सुखवीर, काला राम, किरण देवी, तौषी, बचनी व रघुवीर आदि ने कहा कि उनके घरों में लगभग 1 महीने से गंदे पेयजल की सप्लाई हो रही है। वे जनस्वास्थ्य विभाग के कई चक्कर काट चुके हैं लेकिन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस बारे उचित कदम नहीं उठा रहे। गंदा पानी पीने से गांव में बीमारियां फैलने का डर है। गांव के स्कूल में जहां डी.सी. शिक्षा विभाग के कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं, वहीं ग्रामीण स्कूल के प्रांगण में जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।

बच्चों से जूठे बर्तन उठवाने के मामले में डी.ई.ओ. सुमन आर्य ने कहा कि जांच करने उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की पेयजल की समस्या को लेकर डी.सी. ने जनस्वास्थ्य विभाग को उचित कदम उठाने के आदेश दिए।