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घर से कॉपी लेने निकले दो भाई 14 घंटे बाद नदी में डेड मिले, फंसे थे दोनों के हाथ

शाहाबाद मारकंडा में मारकंडा नदी में डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। घरवालों की मानें तो दोनों कॉपी लेने के लिए गए थे, जब नहीं लौटे तो तलाश शुरू की गई। आखिर 14 घंटे बाद इन दोनों की डेड बॉडीज को नदी से निकालकर कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल के मोर्चरी में भिजवा दिया गया है- नदी में डूबने वाले दोनों लड़कों की पहचान मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के गांव लोकाठारी निवासी रामसेवक के बेटों के रूप में हुई है।

- 14 साल से यहां बराड़ा रोड पर रह रहे रामसेवक रिक्शा चलाकर परिवार का पेट पाल रहे हैं। 12 साल के पंकज और 10 साल के शंकर समेत उसके तीन बेटे थे, वहीं एक बेटी भी है।
- पुलिस को दिए बयान में राम सेवक ने बताया कि पंकज और शंकर मंगलवार दोपहर बाद 3 बजे कॉपी लेने के लिए घर से निकले थे। काफी देर तक जब नहीं लौटे तो घरवालों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।
- रात करीब 10 बजे मारकंडा नदी के किनारे दोनों की चप्पलें, साइकिल और कपड़े वगैरह मिले तो चिंता और भी बढ़ गई, लेकिन अंधेरा होने की वजह से रात में बच्चों को तलाशा नहीं जा सका।
- इसके बाद सुबह 5 बजे फिर से तलाश अभियान शुरू किया गया तो लगभग 500 मीटर दूर दोनों की डेड बॉडीज पाई गई। मामले की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों की डेड बॉडीज को पोस्टमार्टम के लिए कुरुक्षेत्र के लोक नारायण जय प्रकाश सिविल अस्पताल के मोर्चरी में भिजवा दिया है।