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तरावड़ी. रेलवे लाइन के नीचे प्रस्ताविक अंडरपास कागजों में सिमटा|

रेलवेलाइन के नीचे से प्रस्तावित अंडरपास कागजों में ही सिमट कर रह गया है। इस अंडरपास के लिए शहरवासी कई वर्षाें से मांग कर रहे थे। रेलवे हरियाणा सरकार की ओर से लगभग सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अंडरपास निर्माण के बाद उनके बंद कारोबार में कुछ तेजी आएगी, लेकिन अंडरपास के लिए लाइनों के दूसरी ओर मात्र 60 गज जगह का मामला फंसने से यह मामला ठंडे बस्ते में जाता हुआ नजर आने लगा है। 

चुनावीमुद्दा भी बना है अंडरब्रिज 

दुकानदारसुरेश कुमार, सियाराम, कृष्ण कुमार, भूषण चंद, अशोक बंसल हैप्पी का कहना है कि लोकसभा विधानसभा चुनावों में भी इन कॉलोनियों दुकानदारों की यही मांग थी, जिसे सांसद अश्वनी चोपड़ा विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने भी चुनावी मुद्दे में शामिल किया था और पिछले 2 सालों में सभी सरकारी औपचारिकता भी पूरी हुईं, लेकिन एक राइस मिल की 60 गज जमीन के कारण मामला फंस गया है, क्योंकि जमीन के मालिक इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और लोकनिर्माण विभाग भी तब तक रेलवे की ओर से अनुमानित लागत करीब 7 करोड़ रुपए देना नहीं चाहता। जब तक कि जमीन का मामला निपट जाए। दुकानदारों की मांग है कि सरकार जनहित के कार्य में इस जमीन का अधिग्रहण करे, ताकि उन्हें अंडरपास के रुप में जीवन रेखा मिल सके। 

तरावड़ी. रेलवेलाइन के नीचे प्रस्ताविक अंडरपास कागजों में सिमटा। रेलवे लाइन के नीचे की 5 कॉलोनी के लोगों को हो रही परेशानी। 

ओवरब्रिज के लिए 60 गज जमीन की है दरकार 

^इसबारे में लोकनिर्माण विभाग के एक्सईएन विरेंद्र जाखड़ ने बताया कि जब तक रेलवे के जीटी रोड साइड में बने राइस मिल की 60 गज जगह उन्हें नहीं मिलती, तब तक अंडरपास की कार्रवाई आगे नही बढ़ सकती। उन्होंने कहा कि जमीन के राइस मिलर्स और संबंधित बैंक से संपर्क किया गया है, लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं आया।