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जान जोखिम में डालकर शिक्षा लेने पर मजबूर 200 नौनिहाल

शहर के मैन बाजार स्थित राजकीय प्राथमिक पाठशाला में करीब 200 बच्चे जान जोखिम में डालकर पढ़ने को मजबूर है। भवन की हालत खस्ता है। कभी छत से लेंटर गिर जाता है, जिससे बच्चे भयभीत हो जाते है तो कभी दीवारों में आई दरार के कारण बारिश के मौसम में बच्चों को भवन के गिरने का भय सताता रहता है। डर के साये में बच्चे ठीक से शिक्षा भी नहीं ले पा रहे है। कमोबेश यहीं स्थिति यहा पढ़ाने आने वाली अध्यापिकाओं की है। स्कूल के भवन को बनाने में काफी समय लगेगा, ऐसे में स्कूल के इतने बच्चों को बैठाने के लिए कोई आसपास भवन भी नहीं मिल रहा है, जिसकी वजह से भी कंडम हो चुके इस भवन को ना तो बनाया जा रहा है और ना ही इसकी मरम्मत की जा रही है। स्कूल परिसर में इतनी जगह भी नहीं है कि इस भवन को तोड़ने से पहले दूसरे का निर्माण शुरू किया जा सके। अब शिक्षा विभाग के अधिकारी इस भवन के एक-एक कमरे की मरम्मत कराने की सोच रहे है। इसके लिए एस्टीमेट भी बनाया जा रहा है।

बारिश में भर जाता है पानी:

स्कूल का भवन बारिश के मौसम में और भी भयावह हो जाता है। यहा बारिश का भारी मात्रा में भी पानी भर जाता है। कमरों की खिड़किया टूट चुकी है, जिनमें से भी बारिश के दौरान पानी भरता रहा है। दीवार की दरार व छत कंडम होने से हर समय खतरा ही बना रहता है।

नहीं मिल रहा आसपास कोई भवन:मंतोष

इस बारे में राजकीय प्राथमिक विद्यालय की मुखिया मंतोष ने बताया कि बाजार में कोई आसपास भवन नहीं मिल रहा है, जहा पर बच्चों को बैठाकर पढ़ाया जा सके। ना ही कोई चौपाल है जहा बच्चों की पढ़ाई हो सके। छोटे बच्चे होने के कारण आसपास ही भवन ढूढा जा रहा है। यहीं वजह रही है कि ना तो भवन बन रहा है और ना ही मरम्मत हो रही है।