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बादल घिरते देख सड़कों पर बिछ गई छतरियां, आज से लगेगी सावन की झड़ी

जिले में अभी तक मॉनसून पूरी तरह एक्टिव नहीं हो पाया है। यही कारण है कि मॉनसून देर से आया और अभी भी पूरी तरह एक्टिव नहीं है। कहीं-कहीं पर पॉकेट रेन हो रही है। तेज बारिश के लिहाज से अगले 15 दिन महत्वपूर्ण हैं। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को हल्की बूंदाबादी होने के आसार हैं। साथ ही गुरुवार से जिले के कई हिस्सों में तेज हवा चलने और मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

पिछले एक से दो दिन में शहर में बरसात नहीं हो रही है लेकिन आसपास के क्षेत्र में हल्की बूंदाबादी दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों सभी जगह एक साथ बारिश नहीं हो रही। एक्सपर्ट का मानना है कि जून में बारिश के चलते इस बार मॉनसून थोड़ा कमजोर साबित हो रहा है। मॉनसून की बारिश के लिए अनुकूल कंडिशन नहीं बनी है। इस कारण अभी तक भारी बारिश नहीं हो पाई है। बरसात का गोल्डन पीरियड जुलाई में ही है।
 
 
अनुकूल स्थितियां बनने पर ही मॉनसून में आएगी तेजी
कमजोर मॉनसून का बड़ा कारण जून के आखिरी दो हफ्तों में अच्छी गर्मी नहीं पड़ना है। जून में जो बारिश पड़ी, उससे लो प्रेशर एरिया सही से नहीं बन पाए और मानसून उस तेजी से हरियाणा में दाखिल नहीं हो पाया। हालांकि माॅनसून अभी तक कमजोर हो रहा है लेकिन मॉनसून में आगे के दिन में तेजी भी सकती है लेकिन उसके लिए अनुकूल स्थितियां जरूरी हैं। फिलहाल किसानों और सरकार के लिए मॉनसून का कमजोर होना अच्छी खबर नहीं है। 
कैंट में जीटी रोड बाजारों में तरह-तरह की रंग-बिरंगी छतरियां गई हैं। आने वाली बरसात को देखते हुए लोग छतरियां खरीद रहे हैं।
 
जहां गर्मी ज्यादा, वहां जमकर बरस रहे बादल
शहर के आसपास में कुछ इलाके दूसरे के मुकाबले ज्यादा गर्म होते हैं। गर्मी से जहां लो प्रेशर एरिया बनते हैं वहां-वहां बारिश हो जाती है। गर्मी से लो प्रेशर एरिया बनता है। नमी वाले बादल उस लो प्रेशर एरिया की ओर कूच करते हैं और जमा होना शुरू हो जाते हैं। जमा होने के बाद वह भारी हो जाते हैं और बारिश कर देते हैं। इसमें हवा का रुख भी अपनी भूमिका निभाता है।