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इसरो में वैज्ञानिक बना मारौत गांव का अश्वनी |

कौनकहता है कि आसमान में सुराख नहीं हो सकता एक पत्थर तबीयत से उछालो यारो... इस बात को चरितार्थ किया है झज्जर के मारौत गांव निवासी अश्वनी कुमार ने। अश्वनी कुमार आम बच्चों की तरह बचपन में कागज पर राकेट बनाता था। हालांकि उसका यह शगल उम्र के साथ-साथ जुनून में बदल गया। अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित किताबें पढ़ना, राकेट से संबंधित जानकारी जुटाना और अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के बारे जिज्ञासा बनाए रखने का ही परिणाम रहा कि आज मारौत का यह युवा इसरों में वैज्ञानिक के रूप में तैनात हो गया है। इसके बाद अब समूचे गांव में खुशी की लहर है। सभी का यही कहना है कि स्कूल समय में साइंस मॉडल में राकेट बनाते-बनाते अश्वनी अब सचमुच राकेश विज्ञान में देश का मान बढ़ाएगा। उसने अपनी लगन मेहनत केेे बलबूते इसरो में वैज्ञानिक के रूप में अपने कदम बढ़ाए हैं। अश्वनी कुमार का चयन साइंटिस्ट इन इलेक्ट्रानिक्स 2016 के तहत हुआ है। अश्वनी के पिता धर्मपाल रिटायर्ड टीचर हैैैं और माता माया देवी गृहिणी हैैैै। छोटा भाई सुरेश कुमार बीएएमएस की पढ़ाई कर रहा हैैैै। 
 

अश्वनीकुमार छुछकवास स्थित पैरामाउंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का छात्र रहा है। अश्वनी केेेे इसरों में चयन पर स्कूल के चेयरमैन मंजीत फौगाट ने बताया कि अश्वनी होनहार छात्र था। उसने पैरामाउंट स्कूल से बाहरवीं की परीक्षा पास की थी। उसकी सफलता पर दूसरे छात्र-छात्राओं को प्रेरणा मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्र में प्रतिभा की कमी नहीं है और स्कूल प्रबंधन की तरफ से समारोह कर अश्वनी को सम्मानित किया जाएगा।