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सहमति नहीं बनी ,अब चुनावी मैदान में होगा उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला

जाट शिक्षण संस्था चुनाव के लिए उम्मीदवार अब मैदान में भाग्य आजमाएंगे। प्रधान समेत सभी पदों के लिए कोई सहमति नहीं बन सकी तो भाईचारा का संदेश देते हुए जाट समाज के प्रबुद्ध लोगों ने जाट धर्मशाला प्रांगण से चुनावी दंगल में उतरने का फैसला सर्वमान्य कर दिया। बैठक में चर्चा और विचार लेने के बाद जब कोई सर्वसम्मति नहीं बनी तो उसी दौरान 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। सभी लोगों ने कहा कि कमेटी सदस्य सहमति के साथ फैसला लेंगे तो मान्य होगा। हालांकि कमेटी में 11 सदस्य थे, लेकिन बाद में पांच-सात प्रबुद्ध लोग कमेटी से और जुड़ गए। कमेटी ने जाट धर्मशाला की पहली मंजिल पर अलग से बातचीत की। एक घंटे की मत्था-पच्ची के बाद जब कोई परिणाम नहीं निकला तो कमेटी सदस्यों ने नीचे आकर सदस्यों की बीच चुनाव में जाने की घोषणा कर दी। इसके बाद सभी लोग आगामी तैयारी के हिसाब से निकल गए।

वहीं जाट शिक्षण संस्था संस्थान चुनाव के लिए बुधवार को नामांकन का दूसरा व आखिरी दिन था। दाेपहर 2 बजे पर्चा भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई। बुधवार दोपहर को ही 3 बजे पहले की घोषणा के अनुसार कोलेजियम सदस्य और फार्म भरने वाले उम्मीदवार जाट धर्मशाला के हॉल में एकत्रित होना शुरू हो गए। लगभग पौने चार बजे बैठक शुरू हुई तो अध्यक्षता की जिम्मेदारी कर्नल रामप्रताप मल्हान को सौंपी गई। बैठक के दौरान मंच संचालन जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन अजीत लितानी ने की। बैठक के दौरान कोलेजियम सदस्य और जाट समाज के गणमान्य लोगों ने चुनाव में सर्वसम्मति बनाने के लिए बैठक में सुझाव रखे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे कर्नल रामप्रताप मल्हान ने कहा कि जाट शिक्षण संस्थान न केवल हिसार अपितु पूरे प्रदेश की प्रसिद्ध संस्था है।
उनके अलावा मास्टर महेंद्र सिंह, प्रो. केएल रिण्वा, सतपाल पालू अजीत लितानी, टेकचंद कुंडू, एडवोकेट योगेश सिहाग, पहलाद सिंह, विकेंद्र मलिक, जंगजीत सिंह, आशीष गोदारा कुकी, प्रो. मनदीप मलिक, सुभाष मलिक आदि अनेक कोलेजियम सदस्यों व उम्मीदवारों ने चुनाव में सर्वसम्माति बनाने के लिए अपनी बात रखी। उनके अलावा अन्य सदस्यों ने भी सर्वसम्मति के लिए जोर लगाया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे कर्नल रामप्रताप मल्हान, संस्थान के पूर्व चेयरमैन टेकचंद कुंडू, मास्टर महेंद्र सिंह, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन अजीत लितानी, मानसिंह गोयत, जोगीराम खेदड़, बलजीत सिंह राणा, कर्मसिंह मोर, पहलाद सिंह, बैंक के चेयरमैन शशी ढाका, विकेंद्र मलिक, जगबीर मलिक आदि शामिल थे।