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एसपी बोले, एटीएम क्लोन पर रखें नजर, इधर बीमा कंपनी के नाम पर 21 लाख ठगे

साइबर क्राइम एक्सपर्ट लगातार अपनी जड़ें फैला रहे हैं। पुलिस भी पुख्ता सुबूत होने के बावजूद इन पर पूरी तरह से नकेल नहीं कस पा रही। मगर कुछ हद तक पुलिस ने लोगों को जागरूक करते हुए एटीएम क्लोन से बचने की सलाह दी है। जबकि मुलाना में साइबर क्राइम से जुड़े ठगों ने एक बीमा कंपनी का सहारा लेकर व्यापारी को 21 लाख का चूना लगा दिया। यही नहीं एक अध्यापक के खाते से भी 45 हजार उड़ा लिए हैं। हालांकि पुलिस ने दोनों वारदात दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मगर अभी तक कामयाबी नहीं मिल पाई है। आजकल ठगी की ज्यादातर वारदात एटीएम बदलकर हो रही हैं। यह एक गिरोह है, जो भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर वारदात कर देता है। यह सब एटीएम क्लोन की वजह से होता है। दरअसल, आजकल एटीएम गिरोह बिना सिक्योरिटी गार्ड वाले एटीएम पर सक्रिय होते हैं। जो एटीएम में एक विशेष प्रकार की चिप लगा देते हैं। यही नहीं वह किसी तरह एटीएम कैबिन की छत पर भी कैमरा फिट कर देते हैं। ऐसे में जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने पहुंचता है तो उसका डाटा चिप में ट्रांसफर हो जाता है। फिर एटीएम कैबिन में लगे कैमरे से कोड स्केन करके वह डुप्लीकेट एटीएम तैयार करके पैसे निकाल लेता है। इस वारदात का पता भी मोबाइल पर आने वाले मैसेज से प्राप्त होता है।

बीमा कंपनी का सहारा लेकर 21 लाख की ठगी

बीमाकंपनी एवं इनकम टैक्स विभाग का सहारा लेकर ठगों ने एक व्यक्ति को 21 लाख का चूना लगा दिया। खुलासा तब हुआ, जब शातिर ठगों ने पीड़ित व्यक्ति को 43 लाख, 12 हजार, 360 रुपए का जाली डिमांड ड्राफ्ट भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुलाना के श्याम मुरारी ने बताया कि मई 2016 में उसने अपनी पत्नी वीना रानी के नाम से एक्सा इंश्योरेंस कंपनी की एक पॉलिसी ली। दिसंबर 2016 काे उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। जिसने खुद को आलोक ओबराॅय बताते हुए उनसे दस्तावेज मंगवाए और फर्जी साइन के जरिए रुपए निकाल लिए।