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टाइम टेबल को लेकर भिड़े रोडवेज कर्मचारी व निजी बस मालिक, डिपो का चक्का जाम

 

बस स्टैंड के अंदर शनिवार सुबह दो निजी बस आपरेटर अपनी बसे ले गए। इसको लेकर रोडवेज यूनियन व निजी बस ऑपरेटरों आपस में उलझ गए। कई देर तक दोनों में आपस में झड़प होती रही। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। बिना टाइम टेबल के निजी बस रोडवेज के डिपो में आने के बाद सरकार पर निजीकरण का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया। उन्होंने निजी बस के आगे लेट कर सरकार पर वादाखिलाफी आरोप लगाया। चक्का जाम करते हुए उन्होंने जीटी रोड व बस स्टैंड के मुख्य द्वार पर बसे खड़ी कर दी। प्रदर्शन कर रहे रोडवेज के कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि फतेहाबाद से नरवाना रूट पर चलने वाली बसों को अभी तक टाइम टेबल नहीं दिया गया। उसके बाद भी बस चलाई जा रही है। बिना टाइम टेबल चलने वाली बसों का वो विरोध करेंगे।

दरअसल सरकार ने पिछले दिनों कई नए रूट निजी हाथों को सौंप दिए है। इसको लेकर कई बार प्रदर्शन भी हुआ है। कुछ रूट पर बसे भी चलने लगी है। रोडवेज यूनियन के पदाधिकारी निजी बसों के विरोध कर रहे है। उनके विरोध को देखते हुए निजी बसे बस स्टैंड के अंदर नहीं जाती। परंतु शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे नरवाना से फतेहाबाद चलकर दो निजी बसे आई। दोनों बसे डिपो के अंदर चली गई। निजी बस आपरेटरों का कहना है कि उनकी बसों को हिसार आरटीओ ने टाइम टेबल जारी किया हुआ है। उनमें से एक बस 10 बजे तो दूसरी बस साढ़े दस बसे फतेहाबाद से नरवाना के लिए रवाना होती है। परंतु निजी बस संचालक उनकी बसों को नहीं चलने दी जाती है।