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प्लाइवुड उद्योगपतियों ने हड़ताल कर उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

प्रदेश में प्लाइवुड उद्योग भारी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी की दरें न घटाई गई और प्रदेश सरकार अतिरिक्त मंडी शुल्क को समाप्त नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब अधिकांश फैक्ट्रियों पर ताले पड़ जाएंगे। यह उद्गार शुक्रवार को यहां जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने आए एनसीआर प्लाइवुड उद्यमियों के प्रधान विकास खन्ना ने व्यक्त किए। इस मौके पर उनके साथ एनसीआर प्लाइवुड उद्योग संघ के मनीष केडिया, खेतावत, पदम बंसल, अमृत गोयल, शम्मी छाबड़ा, आजाद ¨सह, आलोक अग्रवाल, रमेश गोयल, संजय गर्ग, अशोक बंसल, तरूण गोयल, मुकेश कुमार और सुभाष गुप्ता आदि उद्यमी मौजूद थे।

इससे पहले प्लाइवुड उद्योगपतियों ने रोहतक-दिल्ली रोड पर रोहद टोल नाके पर अपना चार दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू किया। जिसमें चार जिलों के दर्जनों प्लाइवुड उद्योगपतियों ने सरकार की जीएसटी नीति व मंडी शुल्क के विरोध में जोरदार नारेबाजी की। विकास खन्ना ने कहा कि प्लाइवुड इंडस्ट्री पर एकमुश्त 28 फीसदी जीएसटी लगाया गया है, जो पूर्व में 14.50 फीसदी से सीधा दोगुना है। ऐसे में उपभोक्ता को भी सीधे-सीधे दोगुने दाम भरने होंगे। 28 फीसदी जीएसटी करभार से उद्योग की कमर ही टूट जाएगी और संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।