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विकास गोयल ने अब जैन के पैनल को भी हराया, 96 बरसों में सबसे युवा प्रधान

वैश्य शिक्षण संस्था में शुक्रवार को पांच में से चार अहम पदों पर मनमोहन गोयल ग्रुप ने कब्जा जमाया। संस्था के 96 वर्ष के इतिहास में मनमोहन पैनल के विकास गोयल ने सबसे कम उम्र केवल 39 बरस में ही प्रधान बनने का गौरव हासिल किया। 

विकास गोयल को जहां 105 में से 38 वोट मिले तो वहीं, नवीन जैन को 35 और अनिल आर्य को 32 मत प्राप्त हुए। विकास गोयल 2014 के कॉलेजियम चुनाव में भी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नवीन जैन को हरा चुके हैं। तब विकास गोयल को 67 वोट और नवीन जैन को 59 वोट मिले थे। युवा और विरोधी के खिलाफ पिछली बार जीत दर्ज करने की वजह से भी इनका चयन प्रधान के लिए किया गया था, जो सही फैसला साबित हुआ।

पिछली बार की तरह महासचिव पद विजेता पैनल से खिसका
पिछली बार की तरह महासचिव पद विजेता पैनल के हाथों से फिसल गया। मनमोहन पैनल से विवेक गोयल और गिरिशचंद गुप्ता पैनल से चंद्र गर्ग को 42-42 वोट मिले। तीसरे पैनल से अजय बाबा गुप्ता को 21 वोट मिले। टाई होने की वजह से पर्ची से फैसला हुआ, जिसमें चंद्र गर्ग ने बाजी मारी। पिछली बार भी राजेंद्र बंसल पैनल ने जीत दर्ज की थी, लेकिन महासचिव विजय बाबा गुप्ता दूसरे पैनल से बने थे।

उपप्रधान पद पर संजय सिंघल गुप्ता को 45 वोट के साथ जीत मिली। सहसचिव पद पर विजयी रहे कैलाश जैन गर्ग को 41 वोट मिले और कोषाध्यक्ष के पद पर विजयी रहे पवन कुमार मित्तल खरकिया को 61 वोट मिले। वहीं गवर्निंग बॉडी के लिए 29 में से 16 सदस्यों का वोटिंग से ही चयन किया गया।