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अस्पताल के वार्डो को भी बनाया पार्किंग

रात 10 बजे बाद सामान्य अस्पताल के हालात राम भरोसे होते हैं। न कोई शिकायत सुनने वाला है तो न ही मरीजों के तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था करने वाला। तिमारदार जमीन पर सोने को मजबूर है, लेकिन ऊपर पंखा तक नहीं है। ट्रामा सेंटर को छोड़कर कहीं डॉक्टर नजर नहीं आता। सिर्फ स्टाफ नर्स और सिक्योरिटी गार्ड ही वार्डो में घूमते नजर आते हैं।

दैनिक जागरण की टीम ने जब रात 10 बजे बाद सामान्य अस्पताल का दौरा किया तो हर तरफ अव्यवस्था से जूझते लोग दिखाई दिए। ट्रामा सेंटर में बने वार्डों में तो कूलर चलते रहे, लेकिन बरामदे में पंखे तक नसीब नहीं है।

गायनी वार्ड में खड़ी मिली एक्टिवारात 10 बजे बाद सामान्य अस्पताल के हालात राम भरोसे होते हैं। न कोई शिकायत सुनने वाला है तो न ही मरीजों के तीमारदारों के लिए कोई व्यवस्था करने वाला। तिमारदार जमीन पर सोने को मजबूर है, लेकिन ऊपर पंखा तक नहीं है। ट्रामा सेंटर को छोड़कर कहीं डॉक्टर नजर नहीं आता। सिर्फ स्टाफ नर्स और सिक्योरिटी गार्ड ही वार्डो में घूमते नजर आते हैं।

दैनिक जागरण की टीम ने जब रात 10 बजे बाद सामान्य अस्पताल का दौरा किया तो हर तरफ अव्यवस्था से जूझते लोग दिखाई दिए। ट्रामा सेंटर में बने वार्डों में तो कूलर चलते रहे, लेकिन बरामदे में पंखे तक नसीब नहीं है।

गायनी वार्ड में खड़ी मिली एक्टिवा