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बारिश के बाद गड्‌ढों में ठहरे पानी में पनपने लगे मच्छर, बीमारी का खतरा

नगरपरिषद द्वारा बरसात के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं करने के कारण सड़कों के किनारों पर जमा पानी में मच्छर पनपने शुरू हो गए हैं, जिससे मच्छर जनित बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। बरसात से पहले नालों की सफाई शुरू नहीं करने वाली नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में भी कोई तैयारी नहीं की है।

यहीं नहीं स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया डेंगू से बचाव के तरीकों के बारे में भी लोगों को जागरूक करने का काम शुरू नहीं किया। विभाग का दावा है कि फॉगिंग के लिए 31 वार्डों की करीब 200 कॉलोनियों के लिए प्लानिंग कर रहा है। नगर परिषद फॉगिंग के लिए तेल, डीजल मैलाथिन दवा मुहैया कराने का इंतजार कर रही है। इसी वजह से फॉगिंग अटकी हुई है। 

 सेक्टर छह वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान संजय भारद्वाज का कहना है कि सेक्टर के नालों में पानी की निकासी नहीं होने से पानी जमा है। इसमें मच्छर पनप रहे हैं और आसपास के लोग बीमार हैं। पानी निकासी फॉगिंग के लिए कई बार नगर परिषद अधिकारियों से शिकायत की गई है पर सुनवाई कब होगी इसके बारे में वे कुछ नहीं जानते। जन कल्याण मंच के सचिव किशोरीलाल गुप्ता का कहना है कि लगता है कि महामारी फैलने के बाद ही प्रशासन जागेगा। शहर में मच्छरों से लोग परेशान हैं। पार्षद फॉगिंग की मांग कर चुके हैं। फॉगिंग की मांग को लेकर लोग जल्द ही एसडीएम से मिलेंगे।

जहां पानी जमा है उसकी निकासी कराई जाएगी, ताकि लोग बीमारी से बच सकें। फॉगिंग पार्षदों की निगरानी में कराई जाए जिससे लोगों को बार-बार नप के चक्कर लगाने नहीं पड़े। बरसाती सीजन में ज्यादातर बुखार होने पर वायरल, मलेरिया, डेंगू चिकनगुनिया जांच के लिए ब्लड सैंपल लिए जाते हैं। अप्रैल माह से लेकर अक्टूबर माह तक मलेरिया का मच्छर ज्यादा सक्रिय रहता है।