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प्रदेश में गीता के नाम पर भी भ्रष्टाचार : दीपेंद्र

यमुनानगर : दो साल में भारतीय जनता पार्टी ने विभिन्न आयोजनों पर जनता के 40 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए। पवित्र धार्मिक ग्रंथ गीता के नाम पर भी इस सरकार ने भ्रष्टाचार किया है। यह बात सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने जगाधरी विधानसभा में दौरे के दौरान कही। उन्होंने कि 3 लाख 80 हजार रुपये में इन्होंने 10 गीता खरीदी हैं।

जबकि बाजार में यह धार्मिक पुस्तक 200-250 रुपये में मिल जाती है। उन्होंने कहा कि आज मैं मौजूदा सरकार से जनता के पैसे का हिसाब मांगने निकला हूं। कांग्रेस की सरकार में 700 खिलाड़ियों को नौकरी मिली है। जबसे बीजेपी सरकार आई है, एक भी खिलाड़ी को नौकरी नहीं मिली है। इन्होंने 2 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन एक प्रतिशत युवाओं को ही रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि ये शर्म की बात है कि गीता महोत्सव बीजेपी सांसदों ने अपनी दिहाड़ी तक ली है। इनके मन में धार्मिक भावना नहीं है बल्कि ये तो लोगों को गुमराह कर रहे हैं। जनता में फूट डालने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से बीजेपी सरकार आई है, हरियाणा तीन बार जल चुका है। रिकार्ड के हिसाब से जम्मु कश्मीर से ज्यादा दंगे हरियाणा में हो रहे है। जिसका रिकार्ड पुलिस थानों में भी दर्ज है। विकास के नाम पर भी सरकार ने गुमराह किया है।

मंच से छह लाख करोड़ रुपये इन्वेस्ट करने की बात कही गई थी, लेकिन आरटीआइ में ली जानकारी के मुताबिक यह पैसा खर्च नहीं हुआ है। सत्ता पक्ष के नेता अवैध खनन में संलिप्त हैं। ओवरलोड वाहनों के कारण लोगों की जान जा रही है। कांग्रेस की सरकार आने पर इस सिस्टम को सुधारा जाएगा।