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रानियां में बना रैन बसेरा, दस लोगों के ठहरने की व्यवस्था

रानियां : नगरपालिका प्रशासन ने बाहर से आने वाले मुसाफिरों के लिए नगरपालिका कार्यालय के एक कमरे को अस्थाई तौर पर रैन बसेरा बनाया है। अब देर-सवेर शहर आने वाले लोग अपनी रात खुले में नहीं यहां काट सकेंगे। पूर्व में रैन बसेरा न होने का समाचार दैनिक जागरण समाचारपत्र ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद ही प्रशासन हरकत में आया है।

गौरतलब है कि रानियां शहर में इससे पहले बाहर से आने वाले मुसाफिरों के लिए सर्द रात काटने के लिए कोई स्थाई व्यवस्था नहीं थी। रानियां शहर में रैन बसेरा न होने के कारण सर्दी के इस मौसम में यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर में रैन बसेरा न होने का व यात्रियों की इससे संबंधित आने वाले समस्याओं के मद्देनजर दैनिक जागरण समाचार पत्र ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। जिस पर प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए यात्रियों की इस समस्या का समाधान कर दिया है। रानियां में रैन बसेरा बनाए जाने पर क्षेत्र के लोगों ने दैनिक जागरण समाचार पत्र का आभार व्यक्त किया है।

नगरपालिका सचिव संदीप सोलंकी ने बताया कि रानियां क्षेत्र में आसपास कहीं भी रैन बसेरे की व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते हुए नगरपालिका के कमरे को रैन बसेरे का रूप दिया गया है। उसमें लोगों के रहने के लिए कम्बल, रजाई व बेड की व्यवस्था की गई है। जिस किसी भी असहाय गरीब लोगों को रात बिताने के लिए छत नहीं है वह इस रैन बसेरे में आकर अपनी रात बिता सकता है। रैन बसेरे में पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। नगरपालिका की तरफ से बनाए गए रैन बसेरे में 8 से 10 लोगों के रहने की व्यवस्था की गई है। यह रैन बसेरा लोगों के लिए शाम 7 बजे से लेकर सुबह 7 बजे तक खुला रहेगा। इस मौके पर नगरपालिका के चेयरमैन प्रतिनिधि मुख्त्यार ¨सह, एमी राकेश पूनिया, सफाई निरीक्षक जयवीर ¨सह, रोहताश, भूपेंद्र आदि कर्मचारी मौजूद थे